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इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल- ‘गुलाबी गैंग’ ने महिलाओं में भरा लड़ने का जोश

पर्यटन नगरी खजुराहो में चल रहे तीसरे अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव की चौथी शाम स्थानीय पन्ना के बाल कलाकारों के नाम रही।

Danik Bhaskar | Dec 21, 2017, 07:15 AM IST

खजुराहो (भोपाल). पर्यटन नगरी खजुराहो में चल रहे तीसरे अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव की चौथी शाम स्थानीय पन्ना के बाल कलाकारों के नाम रही। कलाकारों ने पधारो म्हारे देश’की सामूहिक नृत्य प्रस्तुति दी। महोत्सव के विशाल मुक्ताकाशी रंगमंच पर गीत व संगीत की स्वर लहरियों के बीच जैसे ही कलाकारों के कदम थिरके और घुंघरूओं की रूनझुन वातावरण में गूंजी पूरा माहौल खुशनुमा हो गया। कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुतियों पर सैकड़ों दर्शकों ने गगनभेदी तालियां बजाते हुए उनका हौसला बढ़ाया और सम्मान किया।

- उस्ताद अकरम खान के जापानी शिष्य लिओ हयासी ने तबला वादन पेश किया, जो दर्शकों व श्रोताओं को खूब भाया। हारमोनियम पर उनका साथ कायको हयासी ने दिया।

- विशाल मुक्ताकाशी मंच पर दिल्ली के सुरेश चंद्र व्यास ने जब राजस्थानी नृत्य भवई प्रस्तुत किया तो सैकड़ों दर्शक झूम उठे और पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान हो उठा।

- नृत्यकार की भावभंगिमा, पैरों की थिरकन और हस्तचालन ने लोगों को खूब लुभाया।
- इसके बाद गूगल गर्ल दिशा नायक ने मनोहारी नृत्य पेश किया तो दर्शकों ने तालियां बजाकर उसका सम्मान एवं उत्साह वर्धन किया। बतादें कि कड़कड़ाती सर्दी के बावजूद दर्शकों के उत्साह में कमी नहीं आई और सैकड़ों की संख्या में दर्शक देर रात तक आनंद सागर में डुबकियां लगाते रहे।

- अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के चौथे दिन बुधवार को गांधी चौराहा पर स्थित टपरा टॉकीज में महिलाओं पर आधारित फिल्म गुलाबी गैंग का प्रदर्शन किया गया। फिल्म में महिलाओं पर होने वाले अन्याय अत्याचार का मुकाबला करने के लिए जांबाज महिलाओं द्वारा तैयार की गई गुलाबी गैंग द्वारा सड़क पर उतरना और अन्याय अत्याचार से महिलाओं का बचाव करना।

- साथ ही अन्याय करने वालों से जमकर मोर्चा लेना दिखाया गया। इस फिल्म के द्वारा महिलाओं में अन्याय अत्याचार के खिलाफ लड़ने के लिए आत्मविश्वास एवं ताकत पैदा करने का प्रयास किया गया। इस फिल्म को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में महिलाएं टाकीज में मौजूद रहीं। इसके बाद यहां महिलाओं पर ही आधारित सारांस, पकीज़ा, दामिनी का प्रदर्शन किया गया।
- इससे पहले फ्रांस की अभिनेत्री, निर्माता निदेशक मोरिन बोर्गो ने इस टॉकीज का उद्घाटन किया और पूरे समय बैठकर फिल्मों को देखा।

इन टॉकीजों में भी दिखाई गई फिल्में

- मेला ग्राउंड पर बनी टपरा टॉकीज में किसानों पर आधारित फ़िल्म किसान मेला, सफ़र का प्रदर्शन किया गया। पश्चिम मंदिर समूह के पास बनी टॉकीज में कजरी, तौबा, रोड, करमवीर, संवो संग पिया। शिव सागर तालाब की टॉकीज में टांगों चार्ली , हिंदुस्तान की कसम, विजेता फिल्म का प्रदर्शन किया गया। वहीं पाहिल वाटिका स्थित टपरा टॉकीज में लगे रहो मुन्ना भाई, बंगाली फिल्म कुहाशा, चाल बाज, दिल चाहता है आदि फिल्में दिखाई गईं।