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भोपाल के आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में जम्मू और पश्चिम बंगाल की 4 महिलाएं

आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम की संस्था के वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम से 41 लड़कियों को छुड़ाया था।

Dainik Bhaskar

Dec 27, 2017, 05:34 AM IST
Jammu and West Bengal at the spiritual University of Bhopal

भोपाल. सीबीआई ने दिल्ली के रोहिणी इलाके में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम की संस्था के वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम से 41 लड़कियों को छुड़ाया था। उसके बाद से देशभर में उनके आश्रम सवालों के घेरे में आ गए। इधर दो दिन पहले इंदौर के आश्रम में पुलिस के छापे के बाद भोपाल के आश्रम में भी हलचल शुरू हो गई। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए भोपाल के साकेत नगर स्थित आश्रम से जुड़े सदस्यों ने गोविंदपुरा पुलिस को विश्वविद्यालय में रहने वालों की जानकारी और उनके कागजात दे दिए। इसमें उन्होंने बताया कि उनके यहां जम्मू और पश्चिम बंगाल की चार बहनें रह रही हैं। यह सभी 26 साल से लेकर 31 साल तक की हैं। छह माह पहले भोपाल आया था दीक्षित

- साकेत नगर निवासी आश्रम के सदस्य भुवेंद्र शर्मा ने बताया कि रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक बहनें ध्यान करती हैं। उसके बाद उनकी क्लास होती है। इसमें वीरेंद्र देव दीक्षित के प्रवचनों की सीडी चलाई जाती है। कुंवारी कन्याओं को बहनें और शादीशुदा महिलाओं को माता कहते हैं।

- अंतिम बार वीरेंद्र देव छह महीने पहले भोपाल आए थे, जबकि दो महीने पहले सीहोर में एक सतसंग किया था। भोपाल के अलावा मध्यप्रदेश के बैतूल, सीहोर, इंदौर और जबलपुर में विश्वविद्यालय है। इसका कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। यह सिर्फ संस्था का नाम है।

इस तरह बना आध्यात्मिक विश्वविद्यालय

- आध्यात्मिक विश्वविद्यालय की बेवसाइट पर संस्था की स्थापना के तार ब्रह्माकुमारी संस्था के साथ जुड़े हुए बताएं हैं। यह विश्वविद्यालय ब्रह्माकुमारी संस्था के समानांतर कार्य कर रहा है।

- इस विश्वविद्यालय के संस्थापक दादा लेखराज द्वारा 1951 से 1969 तक माउंट आबू, राजस्थान से ईश्वरीय ज्ञान सुनाए, जो कि ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा प्रमाणिक रूप से ज्ञान मुरलियों के रूप में प्रकाशित किया जाता रहा है।

- इस परिवार की उत्पत्ति सन 1936 में ओम मंडली के नाम से सिंध, हैदराबाद में हुई और फिर सन 1951-52 में इसका नाम ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पड़ा। आखरी सन 1976-77 में ईश्वरीय संविधान के आधार पर इसका नाम आध्यात्मिक विश्वविद्यालय पड़ गया। भुवेंद्र शर्मा ने बताया कि ब्रह्माकुमारी संस्था से आए लोग हमारी विचारधारा से जुड़ गए।

बिना रजिस्ट्रेशन मिल गया आध्यात्मिक विवि का दर्जा

- इंदौर के परदेशीपुरा इलाके में जिस आश्रम का संचालन किया जा रहा था, उसे रजिस्ट्रेशन कराए बगैर ही आध्यात्मिक विश्वविद्यालय का दर्जा दे दिया गया। यहां विश्वविद्यालय के लिए जरूरी नियमों का भी पालन नहीं हो रहा था। जो भी आता था उसकी सिर्फ रजिस्टर में एंट्री होती थी।

- श्रद्धालुओं को टीवी पर सीडी दिखाकर बाबा का अनुयायी बनाया जाता था। बिहार की जिन लड़कियों पूजा और बिंदु को यहां रखा था, वे बाबा की इस कदर भक्त बन गई हैं कि उनके खिलाफ कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं। वे बाबा को कृष्ण अवतार मानकर पूजा करती हैं।

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Jammu and West Bengal at the spiritual University of Bhopal
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