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जनवरी से शहरी क्षेत्र में रजिस्ट्री 1 प्रतिशत महंगी, 9.3 की जगह 10.3% शुल्क लगेगा

जनवरी 2018 से शहरी क्षेत्र में रजिस्ट्री कराना 1% महंगा पड़ेगा।

Dainik Bhaskar

Dec 22, 2017, 05:51 AM IST
In January, the registry will be 1% expensive in urban areas

भोपाल. जनवरी 2018 से शहरी क्षेत्र में रजिस्ट्री कराना 1% महंगा पड़ेगा। सरकार रजिस्ट्री का शुल्क 9.3% से बढ़ाकर 10.3% करने जा रही है। यह बढ़ोतरी शहरी प्रभार के रूप में की गई है। इससे सरकार को सालाना करीब 200 करोड़ रु. की अतिरिक्त आय होगी। इसका उपयोग अफोर्डेबल हाउस मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए लोन लेने में करने की योजना है। रजिस्ट्री शुल्क में वृद्धि अध्यादेश के माध्यम से लागू होगी। कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी है।

- जनवरी के पहले सप्ताह में अध्यादेश का नोटिफिकेशन हो जाएगा। लेकिन इस फैसले का असर रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ सकता है। यह सेक्टर नोटबंदी, जीएसटी और रेरा एक्ट लागू होने कारण पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहा है।


गरीबों के मकान और मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए लेना है 1700 करोड़ का लोन
- जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार कमजोर आय वर्ग के लोगों को मकान उपलब्ध कराने के लिए चल रही योजनाओं के लिए 1500 करोड़ का लोन लेगी। दिसंबर 2018 तक 5 लाख मकान बनाने का लक्ष्य है। लेकिन केवल 1 लाख मकान ही बन पाए हैं।

- नगरीय विकास विभाग ने 1 लाख और मकान बनाने की डीपीआर तैयार की है। इसके लिए विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों से लोन लिया जा रहा है। खासतौर पर बीएलसी स्कीम (बेसिक लैंड कम्पोनेंट) के लिए फंड की जरूरत है। इस स्कीम के तहत हितग्राही को मकान बनाने के लिए ढ़ाई लाख रुपए दिए जाते हैं।

- केंद्र सरकार की 1.5 लाख और राज्य की 1 लाख रुपए की हिस्सेदारी है। यह राशि रजिस्ट्री शुल्क से होने वाली आय प्राप्त होगी। इसी तरह भोपाल-इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए करीब 200 करोड़ की अंशपूंजी की जरूरत है। इसका इंतजाम भी रजिस्ट्री शुल्क से प्राप्त राशि से किया जा रहा है।


पिछले साल भी 1% बढ़ाया था रजिस्ट्री शुल्क
- साल 2016-17 में सरकार ने रजिस्ट्री शुल्क में 1% की बढ़ोत्तरी की थी। इस राशि का उपयोग नगरीय निकाय सेवाओं के लिए लिए गए लोन के रिप्लेसमेंट के लिए हो रहा है। दरअसल, मुख्यमंत्री पेयजल योजना, मुख्यमंत्री इन्फ्रास्ट्रक्चर स्कीम सहित अन्य योजनाओं के लिए सरकार ने एडीबी सहित अन्य बैंकों से लोन लिया है। लोन की किस्तों में वापसी के लिए फंड बनाया गया है। यह राशि इसी फंड में जमा की जा रही है।

क्रेडाई ने कहा - न्यायसंगत नहीं है फैसला
क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष वासिक हुसैन ने कहा कि रियलएस्टेट सेक्टर मंदी के दौर से गुजर रहा है। अब बाजार संभलने की स्थिति में आने वाला है तब सरकार रजिस्ट्री शुल्क बढ़ा रही है। यह न्यायसंगत नहीं है।

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In January, the registry will be 1% expensive in urban areas
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