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एफडी और बॉन्ड बेनामी घोषित, 3.25 करोड़ की FD कैसे ली नहीं बता पाईं जोशी

आईएएस टीनू-अरविंद जोशी के परिवार की एफडी और बॉन्ड को आयकर विभाग ने बेनामी करार कर दिया है।

​गुरुदत्त तिवारी | Last Modified - Dec 04, 2017, 05:55 AM IST

  • एफडी और बॉन्ड बेनामी घोषित, 3.25 करोड़ की FD कैसे ली नहीं बता पाईं जोशी

    भोपाल.बर्खास्त आईएएस टीनू-अरविंद जोशी के परिवार की एफडी और बॉन्ड को आयकर विभाग ने बेनामी करार कर दिया है। यह एफडी और बांड आईसीआईसीआई बैंक से लिए गए थे। विभागीय सूत्र कहते हैं कि इसी एफडी-बान्ड से मप्र के केडर की इस हाईप्रोफाइल आईएएस दंपती के लिए मुश्किलों का दौर शुरू हुआ था। आईसीआईसीआई बैंक की एजेंट सीमा जायसवाल के मार्फत करवाए गए एफडी-बॅान्ड के बारे में आयकर विभाग को जैसे ही खबर मिली, उन्हें जोशी दंपती के पास बेहिसाब संपत्ति होने का अंदेशा हुआ।

    - 2009 में आयकर विभाग ने नोटिस देकर जोशी दंपती को बुलाया। उनसे 3.25 करोड़ रुपए की डिटेल देने को कहा। लेकिन अरविंद जोशी ने खुद सामने न आकर मां निर्मला जोशी को आगे किया। वे आयकर विभाग के दफ्तर आईं और उन्होंने दावा किया ये एफडी और बॉन्ड उनकी प्रॉपर्टी है। यह विभाग के गले नहीं उतरा।

    - उधर विभाग ने दंपती की सारी संपतियों की पड़ताल तेज कर दी। आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारियों से इन एफडी-बॉन्ड के लिए दिए गए पैसे का ब्योरा मांगा गया। उन्हें जल्द ही यह पता लग गया कि यह सारा धन जोशी दंपती का ही है।

    - क्योंकि न तो निर्मला जोशी और न ही उनके पति एचएन जोशी के पास 3.25 करोड़ रुपए की आय का कोई स्रोत था। निर्मला जोशी भी इन एफडी और बांड्स को लेने का स्त्रोत नहीं बता पाईं।
    - इसके बाद आयकर विभाग ने जोशी दंपती की संपत्ति की छानबीन तेज की। जल्द ही विभाग के पास 50 करोड़ रुपए से अधिक चल-अचल संपत्ति की जानकारी मिल गई। इनमें से अधिकतर संपत्ति रिश्तेदारों और कारोबारी सहयोगियों के माध्यम से खरीदी गई थी।

    - जानकारी पुख्ता होने के बाद विभाग ने अरविंद जोशी को विभाग के दफ्तर बुलाया। आयकर विभाग को भी जोशी के रसूख और उनकी पहुंच का अहसास था। इसलिए उसने ज्यादा पुख्ता सबूत एकत्र किए। दिल्ली में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों तक ये सारी जानकारी उपलब्ध कराई गई।

    - उसके बाद ही यह छापे मारे। लेकिन इन छापों में बरामद धन और संपत्ति उनकी उम्मीद से भी कहीं ज्यादा निकला। इस पूरे मामले से जुड़े अधिकारी यही कहते हैं कि इन एफडी और बाॅन्ड की जानकारी आईसीआईसीआई बैंक से नहीं मिलती तो शायद यह छापा न भी पड़ता।

    बेनामी विंग ने नोटिस भेजा तो पिता ने कहा मेरी प्रापर्टी
    - दिलचस्प बात यह है कि पिछले दिनों जब बेनामी विंग ने जोशी दंपती के यहां एफडी और बॉन्ड के नोटिस भेजे तो एचएम जोशी ने इसे अपनी प्रॉपर्टी बताया,लेकिन विभाग ने दावे को मानने से इंकार कर दिया।
    सितंबर-2017: बेनामी ट्रांजेक्शन निषेध कानून के तहत इन एफडी को लेकर अरविंद जोशी और टीनू जोशी को नोटिस 24 (1) के नोटिस जारी किए गए।
    दिसंबर-2017:संतोषप्रद जवाब न मिलने पर बेनामी प्रॉपर्टी विंग में इन एफडी-बॉन्ड को अटेच करने की प्रक्रिया चल रही है। अटेचमेंट की अनुमति देने के लिए विभाग ने दिल्ली स्थित अपने न्याय निर्णयन प्राधिकरण को यह मामला भेज दिया है।

    फरवरी 2010: जोशी दंपति के यहां आयकर विभाग ने छापा मारा। इस छापे में जोशी दंपति और उनके परिजनों एवं उनसे जुड़े लोगों के यहां छापा मारकर 350 करोड़ रुपए की अघोषित संपति का खुलासा किया। लंबी छानबीन और असेसमेंट के बाद 90 करोड़ रुपए का डिमांड नोटिस जारी किया गया था।
    -आईसीआईसीआई बैंक की एजेंट सीमा जायसवाल के माध्यम से ये एफडी-बॉन्ड बनवाए गए थे।

    - बैंक से जानकारी मिलने के बाद अायकर विभाग ने जब नोटिस दिया तो अरविंद की मां ने सामने आकर कहा था कि यह 3.25 करोड़ की एफडी बाॅन्ड है उसकी संपति

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