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आय से अधिक संपत्ति मामले में जोशी दंपती की याचिकाएं हाईकोर्ट में चलेगा मुकदमा

हाईकोर्ट ने माना कि निचली अदालत ने उक्त आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने में कोई गलती नहीं की है।

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 05:42 AM IST

भोपाल/ जबलपुर . आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आरोपी बनाए गए बर्खास्त आईएएस अफसर अरविंद जोशी, टीनू जोशी सहित 8 आरोपियों के खिलाफ भोपाल की ट्रायल कोर्ट में मुकदमा जारी रहेगा। हाईकोर्ट ने मंगलवार को जोशी दंपती सहित 8 आरोपियों की उन याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया जिसमें निचली अदालत द्वारा आरोप तय करने को चुनौती दी गई थी। इनमें अरविंद के पिता एचएम जोशी, मां निर्मला जोशी, पवन अग्रवाल, संतोष जायसवाल, सीमा जायसवाल और मिराज अली खान शामिल हैं। चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस विजय शुक्ला की खंडपीठ ने ललित जग्गी, एसपी कोहली एवं सिमन्त कोहली को दस्तावेज पेश करने के लिए तीन सप्ताह की मोहलत दी है। हाईकोर्ट ने माना कि निचली अदालत ने उक्त आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने में कोई गलती नहीं की है।


- आरोपियों की ओर से दलील दी गई कि चूंकि संपत्ति राजसात की कार्रवाई भी चल रही है, इसलिए आपराधिक प्रकरण नहीं चल सकता। वहीं लोकायुक्त की ओर से अधिवक्ता पंकज दुबे ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा योगेन्द्र जायसवाल के प्रकरण में दिए फैसले का हवाला देते हुए कहा गया कि संपत्ति राजसात और आपराधिक प्रकरण दोनों एकसाथ चल सकते हैं।

- लोकायुक्त की ओर से कहा गया था कि अतिरिक्त कमाई का पैसा बिजनेस में उपयोग किया गया। जोशी दंपती के पास आय से 3151 प्रतिशत अधिक आय मिली थी। जोशी दंपती सहित 11 आरोपियों ने ट्रायल कोर्ट द्वारा आय से अधिक संपत्ति सहित अन्य आरोप तय करने के फैसले को चुनौती दी थी।


ये है मामला
- लोकायुक्त ने बर्खास्त आईएएस अरविंद और उसकी पत्नी टीनू जोशी के खिलाफ 2010 में आय स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था।दंपति पर ज्ञात आय स्रोतों से 43 करोड़़ 20 लाख 23 हजार रुपए अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।

- लोकायुक्त की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि दबिश के दौरान जोशी दंपत्ति के घर से 3 करोड 50 लाख कैश मिला था। जोशी दंपत्ति ने आय के ज्ञात स्रोतों से 3151 प्रतिशत अधिक आय अर्जित की। सभी के खिलाफ जो प्रकरण दर्ज किए गए हैं, उनमें 10 साल के कारावास का प्रावधान है।