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पत्रकारिता विवि: नए कुलपति के आने तक पद पर रहेंगे कुठियाला

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीके कुठियाला का कार्यकाल नए कुलपति की नियुक्ति तक

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 07:49 AM IST

भोपाल . माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीके कुठियाला का कार्यकाल नए कुलपति की नियुक्ति तक बढ़ गया है। प्रो. कुठियाला नए कुलपति की नियुक्ति होने तक अपने पद पर बने रहेंगे। इसी बीच शासन ने नए कुलपति के चयन के लिए सर्च कमेटी गठित कर दी है। इस तीन सदस्यीय कमेटी में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विवि के पूर्व कुलपति डॉ. सच्चिदानंद जोशी, पत्रकार वरिष्ठ उमेश उपाध्याय और प्रमुख सचिव जनसंपर्क एसके मिश्रा शामिल हैं।

- यह निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई विश्वविद्यालय की प्रबंध समिति और महापरिषद की बैठक में निर्णय में हुआ। प्रो. कुठियाला का कार्यकाल जनवरी माह में ही पूरा हो रहा है।

- एक कार्यकाल वे पूरा कर चुके हैं। शासन की ओर से उन्हें एक्सटेंशन दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि नियमानुसार सर्च कमेटी का गठन कुलपति का कार्यकाल पूरा होने के छह महीने पहले ही होना चाहिए। लेकिन यहां इस मामले में देरी की गई है।
210 नई संस्थाओं को मान्यता
विश्वविद्यालय के अंतर्गत बीते एक वर्ष में 210 नई अध्ययन संस्थाओं को मान्यता दी गई है। इस अवधि में विद्यार्थियों की संख्या 12 प्रतिशत बढ़ी है। विश्वविद्यालय द्वारा संस्कृत की पहली न्यूज मैग्जीन अतुल्य भारतम का प्रकाशन किया गया है। विश्वविद्यालय में सोशल मीडिया रिसर्च सेंटर बनाया गया है।

- बैठक में वित्त मंत्री जयंत मलैया, जनसंपर्क एवं जल-संसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, सांसद आलोक संजर, कुलपति डॉ. बीके कुठियाला सहित महापरिषद के अन्य सदस्य मौजूद थे।

यह निर्णय हुए बैठक में
- विवि में मीडिया इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस सेंटर के माध्यम से छात्रों को मीडिया के क्षेत्र में स्टार्टअप्स की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए विवि को नीति आयोग से मंजूरी मिल गई है।
-समाज में सामाजिक, आर्थिक विषमता फैलाने वाले कारकों और उनके समाधान के विषयों पर भी विश्वविद्यालय द्वारा विस्तृत अध्ययन कराया जाएगा।
-अद्वैत वेदांत विषय पर भी शोध और अध्ययन कराया जाएगा।
-नए पदों की पूर्ति उच्च शिक्षा तथा यूजीसी नियमों के अंतर्गत की जाएगी।
-विवि में भाषा अध्ययन केन्द्र तथा संस्कृति अध्ययन केन्द्रों ने कार्य शुरू किया।
-विवि में विदेशी मीडिया अध्ययन केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जिसमें पाकिस्तान, चीन और नेपाल के मीडिया में प्रकाशित समाचारों का विश्लेषण किया जाएगा।