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लेडी गरर्नर बोलीं- 7 साल पीडब्ल्यूडी मंत्री रही हूं, क्या काम ऐसे होता है

ऑडिटोरियम का काम पांच साल बाद भी पूरा न होने का कारण अफसरों से पूछा तो वे कुछ जवाब नहीं दे पाए।

Danik Bhaskar | Jan 28, 2018, 08:06 AM IST

भोपाल. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शनिवार को राजभवन में पीडब्ल्यूडी के अफसरों पर जमकर बरसीं। ऑडिटोरियम का काम पांच साल बाद भी पूरा न होने का कारण अफसरों से पूछा तो वे कुछ जवाब नहीं दे पाए। इस पर आनंदीबेन ने कहा कि मुझे सब पता है पीडब्ल्यूडी में काम किस तरह होता है। मैं भी सात साल तक गुजरात में पीडब्ल्यूडी मंत्री रही हूं। राज्यपाल ने राजभवन के 30 एकड़ क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। उनके साथ राजभवन के प्रमुख सचिव एम मोहन राव समेत पीडब्ल्यूडी के अफसर मौजूद थे।


राजभवन में ऑडिटोरियम बनाए जाने का काम 2013 में शुरू हुआ था, जिसकी लागत 9 करोड़ रुपए थी। बाद में सरकार ने इसे रोककर रखा और यह निर्माण पूरा नहीं हो सका। पीडब्ल्यूडी अफसरों ने बताया कि तीन सालों से ऑडिटोरियम बनाने के लिए राशि स्वीकृत नहीं की थी। इस कार्य के लिए 2017 में ही प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। तब राज्यपाल ने पूछा कि अब काम कितने समय में पूरा होगा तो अफसरों ने कहा कि एक साल में पूरा कर देंगे। वहीं, राजभवन में अन्य कई काम भी कराए जा रहे हैं। इनमें रेस्ट हाउस में फर्नीचर का काम कराया जाना है। इस पर अफसरों का कहना था कि यह काम पूरे करवा दिए गए हैं। राज्यपाल ने कम्युनिटी हाॅल में बैठने की व्यवस्था उच्च स्तर पर करने, महिलाओं व बुजुर्गों के चढ़ने तथा उतरने के लिए सुविधा उपलब्ध कराने तथा चौड़े रैम्प बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि इसका ध्यान रखे कि जिस ठेकेदार को टेंडर दें, वही जिम्मेदारी से कार्य पूरा करे।

‘अगर सपना पूरा न हो तो निराश न हों’

राज्यपाल आनंदीबेन ने राजभवन में नेतृत्व विकास शिविर में शामिल अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्र-छात्राओं से भेंट की। राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं से कहा कि अपने भविष्य के सपने को साकार करने का प्रयास करो। अगर सपना पूरा न हो तो निराश न हो, ईश्वर पर भरोसा रखो, वे जरूर कोई दूसरा रास्ता निकालेंगे। उन्होंने कहा कि हमें शिक्षा प्राप्त करने के साथ आचार, विचार, चरित्र और व्यवहार सुधारने पर भी ध्यान देना चाहिए। उच्च शिक्षा और अच्छे चरित्र से ही आप अपना भविष्य उज्जवल बना सकते हो और देश का नेतृत्व कर सकते हो।

राज्यपाल ने बच्चों को घड़ी, पुस्तकें और चाकलेट भेंट की। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि आपको यह संकल्प लेकर जाना चाहिए कि हम पानी की बचत करेंगे, थाली में खाना नहीं छोड़ेंगे और जितना खा सकें, उतना ही लेंगे। उन्होंने कहा कि अपव्यय से न जाने कितने गरीब बच्चों का पेट भर सकता है, बचे हुए पानी को पेड़ में डालने से पेड़ों को सूखने से बचाया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को पर्यावरण सुधारने और स्वच्छता अभियान में भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि राजभवन बच्चों के लिए हमेशा खुला रहेगा। आदिम जाति एवं अनुसूचित कल्याण राज्य मंत्री लालसिंह आर्य ने कहा कि मप्र सरकार अनुसूचित जाति और जनजाति क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को नेतृत्व विकास शिविर के जरिए मुख्यधारा से जुड़ने की प्रेरणा दे रही है।