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इंटरनेट से सीखा बम बनाना, फिर रेडियो में भरा और भेज दिया मौत का पार्सल

पार्सल से भेजा रेडियो, घर में ऑन करते ही विस्फोट, बेटे सहित तीन लोग गंभीर

Danik Bhaskar | Jan 28, 2018, 03:33 AM IST

सागर. शहर के मेन पोस्ट ऑफिस के सुपरीटेंडेंट केके दीक्षित को पार्सल बम से मारने की साजिश 38 लाख रुपए की गबन के मामले में हटाए गए उन्हीं के डिपार्टमेंट के पूर्व कर्मचारी हेमंत उर्फ आशीष साहू ने रची थी। इंटरनेट पर बम बनाने का तरीका खोजकर उसने पूरी प्लानिंग से वारदात को अंजाम दिया था। यहां बता दें कि दैनिक भास्कर ने पहले दिन ही विस्फोट के तार पोस्ट डिपार्टमेंट में हुए गबन मामले से जुड़े होने और विभाग के ही किसी कर्मचारी का हाथ होने की तरफ इशारा किया था। इसी आधार पर पुलिस की जांच आगे बढ़ी और यह खुलासा हुआ। मामा, नौकर और बेटा हुए जख्मी...

- पुलिस को विस्फोटक के रूप में जिलेटिन के इस्तेमाल का संदेह है।

- उल्लेखनीय है कि 25 जनवरी को दीक्षित के घर हुए ब्लास्ट में वे तो बच गए, लेकिन उनके डॉक्टर पुत्र रीतेश, रिश्तेदार विजय मिश्रा और नौकर देवसिंह जख्मीं हो गए थे। भोपाल में भर्ती रीतेश की हालत नाजुक बनी हुई है।
- बता दें कि रीतेश के मामा विजय मिश्रा आए हुए थे। फर्स्ट फ्लोर पर पहुंचकर रितेश ने नौकर देवसिंह को इस डिवाइस का प्लग इलेक्ट्रिक बोर्ड में लगाने को कहा। जैसे ही उन्होंने स्विच ऑन किया ब्लास्ट हो गया।
- धमाके से पूरा इलाका दहल गया। तीनों खून से लथपथ बेहोश पड़े थे। धमाके से कमरे का पंखा भी उखड़कर नीचे लटक गया।
- खिड़की, अलमारी के शीशे और सामान बिखरा पड़ा था। रिश्तेदार व पड़ोसियों की मदद से घायलों को पास के ही एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया।

घटना से कुछ देर पहले ही आया था रीतेश का रिजल्ट, तीन दिन बाद थी सगाई

- डॉ. रीतेश दीक्षित ने भोपाल स्थित एलएन मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई की है। वे जिला हॉस्पिटल के एनआरसी केंद्र में मेडिकल ऑफिसर के पद पर पदस्थ हैं।

- रीतेश ने हाल ही में पीजी की पढ़ाई के लिए एग्जाम दिया था, इसका रिजल्ट घटना के ठीक पहले ही आया था।

- पिता केके दीक्षित ने बताया कि तीन दिन बाद ही रीतेश की सगाई थी।

- यदि यह घटना एक या दो दिन बाद होती तो पता नहीं घर के कितने और मेहमान सदस्य इस साजिश की चपेट में आते।

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