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100 साल का ये शख्स 5 सालों से है लिक्विट डाइट पर, रोज चढ़ता 2700 फीट ऊंची पहाड़ी

पांच साल पहले खाने से हुई थी एलर्जी, फैमिली मैंबर्स ने इलाज में पांच लाख किए खर्च, सभी रिपोर्ट नार्मल।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 07:27 AM IST
100 साल के करोड़ीलाल साहू 5 सालों से लिक्विट डाइट पर है। 100 साल के करोड़ीलाल साहू 5 सालों से लिक्विट डाइट पर है।

रायसेन. पांच साल से 100 साल के वृद्ध करोड़ीलाल साहू ने खाना ही खाया है। इस वृद्ध को न तो भूख लगती और न ही प्यास। वह सिर्फ लिक्विट डाइट पर है। इसके बाद भी उसके शरीर में युवाओं जैसी एनर्जी बनी हुई है। उम्र के इस पड़ाव में वह न-केवल अपने सभी काम कर लेता हैं, बल्कि पूजा अर्चना करने के लिए वह रोजाना 2700 फीट ऊंची पहाड़ी पर पहुंचता है। सुल्तानगंज क्षेत्र के जसरथी में रहने वाले करोड़ी लाल साहू करीब 100 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं। चार साल पहले भोजन और पानी से उन्हें एलर्जी हो गई। इनके सेवन से उन्हें उल्टी हो जाती थी। कुछ भी नहीं खाने-पीने से उनके घरवाले चिंतित हो गए।

कई जगह कराया इलाज

- घरवालों ने पहली बार इसे बीमारी समझकर सागर में डॉक्टर आनंद सिंघई को दिखाया और डॉक्टर द्वारा एक महीने की दवाइयां दी गईं लेकिन समस्या में कोई सुधार न होने पर घर के लोगों ने जबरदस्ती इंदौर गोकुलदास हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया।

- सभी जांच करवाने पर डॉक्टरों ने सारी जांच नॉर्मल बताई और मरीज को डॉक्टर खाना हजम करवाने में असमर्थ रहे। इसके बाद करोड़ी साहू को परिजनों द्वारा भोपाल में भी दिखाया गया, वहां भी कोई फायदा नहीं हुआ।

- फैमिल मेंबर्स इसके बाद रायपुर एम्स हॉस्पिटल ले गए, जहां पर करीब 15 दिन इलाज चला, लेकिन डॉक्टर ने मरीज की बीमारी को लाइलाज घोषित कर दिया। अंत में डॉक्टर मनोज लाहोटी रायपुर को दिखाया, जिन्होंने सभी जांच करवाने के बाद परिजनों से कह दिया की सभी जांचें नॉर्मल है। इसका मेरे पास कोई इलाज नहीं है। इसके बाद परिजन थक हार कर उन्हें वापस घर ले आए। वे पांच साल से हल्का फुल्का ही तरल पदार्थ ले रहे हैं।
इसके बाद भी उन्हें किसी प्रकार की कोई कमजोरी नहीं आई। वे युवाओं की तरह रोजाना अपने सभी काम निपटाते हैं। इतना ही नहीं वह प्रतिदिन 2700 फीट ऊंची जसरथी बाबा की पहाड़ी पर पूजा-अर्चना करने के लिए जाते हैं। इस पहाड़ी पर हनुमानजी और गणेशजी का मंदिर है।

नहीं लगती भूख और प्यास
जसरथी गांव निवासी करोड़ी लाल साहू का कहना है कि न मुझे भूख लगती है और न प्यास और न मुझे कोई कमजोरी महसूस होती है। वह रोजाना पहाड़ी पर पहुंचकर जसरथ बाबा की पूजा करता है। उनकी कृपा से ही वह अब तक जीवित है।

फैमिली मैंबर्स जबरदस्ती पिलाते हैं पानी
करोड़ी लाल के पुत्र राम प्रसाद साहू ने बताया पिताजी को पांच साल पहले भोजन-पानी से एलर्जी हो गई। वे जो भी खाएं पीएं वह उल्टी हो जाती। पहले तो हम लोगों ने बीमारी समझकर जगह-जगह इलाज करवाया। इलाज पर करीब 4 से 5 लाख रुपए खर्च भी किए लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अब इलाज करवाना बंद कर दिया है। पिताजी को किसी प्रकार का कोई नुकसान न हो, इसलिए वे पिता को जबरन तरल पदार्थ पिला देते हैं।


लिक्विट डाइट पर हैं जिंदा
रायसेन जिला अस्पताल आरएमओ डॉ. यशपाल वाल्यान ने बताया कि बिना कुछ खाए पीए जिंदा रहना संभव नहीं है। शरीर की एनर्जी के लिए भोजन करना बहुत आवश्यक है। जो लोग किसी कारण बस भोजन नहीं करते है, वे लोग तरल पदार्थ के रूप में दूध, जूस का सेवन करते हैं या फल-फ्रूट खाते हैं, जिससे उनके शरीर में एनर्जी बनी रहती है।

पांच साल से 100 साल के वृद्ध करोड़ीलाल साहू ने खाना ही खाया है। पांच साल से 100 साल के वृद्ध करोड़ीलाल साहू ने खाना ही खाया है।