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मुमताज ने इस किले में ली थी अंतिम सांसें, यहीं दिया था 14वीं संतान को जन्म

25 साल पहले इसे देखरेख के अभाव में बंद कर दिया था।

Danik Bhaskar | Jan 26, 2018, 07:56 AM IST
बुरहानपुर की नायाब इमारताें में से एक शाही किला बुरहानपुर की नायाब इमारताें में से एक शाही किला

बुरहानपुर. ये तस्वीर है बुरहानपुर की नायाब इमारताें में से एक शाही किले की। इस बुलंद इमारत को छठी-सातवीं शताब्दी में आदिल शाह फारुकी बादशाह ने बनवाया था। इस किले का ज्यादातर भाग खंडित हो गया है। फिर भी अपना वैभवशाली अतीत लिए खड़ा है। पहले सात मंजिल का भव्य महल था, लेकिन अब केवल तीन मंजिल ही शेष है। 25 साल पहले इसे देखरेख के अभाव में बंद कर दिया था। अब ये शाही किला पर्यटकों के लिए खुलेगा।

इंटक ने लिखा था आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया को पत्र

शाही किले के भीतरी भाग में अनेक रास्ते होने के कारण इसमें जाने वाले लोग भटक जाते हैं इसलिए इसे भूलभुलैया कहते हैं। इतिहासकार होशंग हवलदार ने कहा इंटक की ओर से हमने आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को पत्र लिखा था कि महल का भीतरी भाग पर्यटकों के लिए खोला जाना चाहिए।

महल में म्यूजियम भी दर्शनीय
महल के परिसर में दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, शाही हमाम, लौंगानी मस्जिद देखने के लिए पर्यटक पहुंच रहे हैं। परिसर में म्यूजियम भी बनाया गया है। इसमें शहर की पुरातन वस्तुओं का संग्रह किया गया है। हरियाली से परिसर निखर उठा है।

मुमताज ने यहां ली थी अंतिम सांस

महल की छत चांदनी के नाम से प्रसिद्ध हैं, दीवारें नौगजी के नाम से प्रसिद्ध है। आगरा और दिल्ली की तरह दीवान-ए-आम और दीवान-ए-खास बनवाया था। किले में 1603 ईसवीं से मुगल बादशाहों का आगमन हुआ। बेगम मुमताज ने इसी महल में 14वीं संतान को जन्म दिया। 6 जून 1631 की सुबह शाहजहां की गोद में मुमताज ने अंतिम सांस ली।

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इस बुलंद इमारत को छठी-सातवीं शताब्दी में आदिल शाह फारुकी बादशाह ने बनवाया था। इस बुलंद इमारत को छठी-सातवीं शताब्दी में आदिल शाह फारुकी बादशाह ने बनवाया था।
इस किले का ज्यादातर भाग खंडित हो गया है। इस किले का ज्यादातर भाग खंडित हो गया है।
पहले सात मंजिल का भव्य महल था, लेकिन अब केवल तीन मंजिल ही शेष है। पहले सात मंजिल का भव्य महल था, लेकिन अब केवल तीन मंजिल ही शेष है।
25 साल पहले इसे देखरेख के अभाव में बंद कर दिया था। 25 साल पहले इसे देखरेख के अभाव में बंद कर दिया था।
ये शाही किला पर्यटकों के लिए खुलेगा। ये शाही किला पर्यटकों के लिए खुलेगा।