--Advertisement--

कॉलोनियां से नगर निगम की इनकम 80 करोड़, खर्च के नाम सिर्फ 50 लाख

होशंगाबाद रोड पर दानिश नगर करीब 30 साल पुरानी काॅलोनी है।

Dainik Bhaskar

Dec 14, 2017, 05:52 AM IST
Municipal corporations income more than investment

भोपाल . होशंगाबाद रोड पर दानिश नगर करीब 30 साल पुरानी काॅलोनी है। करीब 450 रहवासियों ने डेढ़ दशक पहले एक समिति बनाई। यहां के जागरूक लोगों ने 40 कॉलोनियों को जोड़कर एक समूह बनाया ताकि निगम हैंडओवर ले। न अच्छे रोड हैं, न पानी की सप्लाई है, न स्ट्रीट लाइटें, न पार्क, न कम्युनिटी हाॅल और न खाली प्लाॅटों की देखरेख। रहवासियों ने चेताया है कि हम वोट नहीं देंगे। प्राॅपर्टी टैक्स भी नहीं देंगे।

- यह सूरत शहर की 975 कॉलोनियाें की है। इनमें ज्यादातर हाऊसिंग सोसायटी हैं। अपने आधिपत्य में न लेना निगम के लिए फायदे का सौदा है। यहां एक तिहाई से ज्यादा आबादी है।

- रहवासी संपत्तिकर, जलकर समेत अन्य टैक्स देते हैं। इनसे सालाना करीब 80 करोड़ रुपए की अाय है। कॉलोनी हैंडओवर न होने की स्थिति में निगम यहां बुनियादी सुविधाएं देने से मुक्त है।

- ये कॉलोनियां निगम आधिपत्य में लेता है तो आय में बहुत इजाफा तो नहीं होगा, लेकिन उसे करीब 200 कर्मचारी व संसाधन बढ़ाने होंगे। अभी इन कॉलोनियों में निगम बमुश्किल 50 लाख रुपए सालाना ही खर्च करता है।

150 करोड़ चाहिए.... निगम को अधूरे कामों काे पूरा करने के लिए

अधरझूल की स्थिति बिल्डर को भी अनुकूल

- बिल्डर काॅलोनी में खुद के मुताबिक मेंटेनेंस कराते हैं। यानी प्रोजेक्ट में किसी सोसायटी की दखलंदाजी नहीं चाहते।

- एक प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दूसरे प्रोजेक्ट में फ्लैट या डुप्लेक्स बेचने के लिए पहले प्रोजेक्ट के बेहतर मेंटेनेंस का उदाहरण देते हैं।

- मेंटेनेंस के नाम पर कई बिल्डर्स नए रहवासियों से इकट्ठी राशि भी ले लेते हैं। इसे अपने निजी काम में इस्तेमाल करते रहते हैं।

- बाग सेवनिया, कटारा हिल्स व शाहपुरा इलाके की कुछ काॅलोनियों में सिर्फ पानी सप्लाई के नाम पर ही 700- 800 रुपए महीने वसूले जा रहे हैं।

- मेंटेनेंस के नाम पर वसूली जाने वाली राशि कैम्पस के सिक्योरिटी अमले की सैलरी जैसी मदों पर खर्च होती है।

अब ईमानदारी से प्रयास
- महापौर के मुताबिक, निजी कॉलोनियों का अधिग्रहण निगम की जिम्मेदारी है। कॉलोनी सेल काे मजबूत बनाने के बाद अधिग्रहण किया जाएगा। अब तक कॉलाेनी सेल पर कभी ध्यान ही नहीं दिया गया। हम इसके लिए ईमानदार प्रयास करेंगे।

सिर्फ निगम की जिम्मेदारी
- डेवल्पमेंट एक्सपर्ट के मुताबिक, काॅलोनी ही नहीं, किसी भी छोटे-बड़े निर्माण की अनुमति नगर निगम देता है। फिर कोई कॉलोनी अवैध कैसे कही जा सकती है। जिम्मेदार अपनी कार्यों का निर्वहन ठीक से नहीं करते, इस कारण कॉलोनियां अर्द्ध विकसित या अव्यवस्थित हैं। नगर निगम के कर्ताधर्ता अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ठीक से करें तो ऐसी परिस्थितियां नहीं बनेंगी। निगम की जिम्मेदारी है कि वह तमाम परमिशन पर सख्ती से नजर रखे, व्यवस्थित निर्माण हो और वह कॉलोनियों को अपने अधीन लें।

X
Municipal corporations income more than investment
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..