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अपराधियों को सजा दिलाने में भी मप्र पीछे, 1.35 लाख आरोपी हुए बरी

प्रदेश में सभी तरह के अपराधों में 1 लाख 35 हजार 899 आरोपी दोषमुक्त हुए हैं। करीब ढाई लाख को सजा हुई है।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 04, 2017, 05:48 AM IST

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    भोपाल.राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में दुष्कर्म के मामलों में सबसे आगे होने की वजह पर मध्यप्रदेश पुलिस तत्परता से मामले दर्ज करने का दावा करती है, लेकिन यह भी सच है कि आरोपियों को सजा दिलाने में भी प्रदेश पुलिस अन्य राज्यों की अपेक्षा कमजोर है। प्रदेश में सभी तरह के अपराधों में 1 लाख 35 हजार 899 आरोपी दोषमुक्त हुए हैं। करीब ढाई लाख को सजा हुई है।
    एनसीआरबी के वर्ष 2016 के आंकड़े अभी जारी हुए हैं।

    - इन आकड़ों से दुष्कर्म के मामले में अव्वल रहने से मध्यप्रदेश की छवि पर असर पड़ा है। प्रदेश 4882 मामलों के साथ दुष्कर्म में उत्तर प्रदेश 4816 से भी आगे रहा है।

    - प्रदेश अपहरण और गुमशुदगी के 7123 मामलों के साथ चौथे नंबर पर है, जबकि हिंसक मामलों में 26719 प्रकरण के साथ पांचवें नंबर पर है।

    - दंगे के 1665 केस प्रदेश में हुए है। एनसीआरबी ने 30 नवंबर को अपनी रिपोर्ट जारी की है।

    अपहरण और गुमशुदगी में 50 फीसदी से पीछे

    - प्रदेश में बीते साल 7237 मामले अपहरण के हैं। इनमें 4994 लड़कियां व 2243 लड़के थे। इसके पहले से गुम 8872 लोगों में से 6300 लड़कियां और 2572 लड़के थे।

    - इस तरह 16109 गुम थे। इनमें लड़कियां 11294 और लड़के 4815 हैं। उत्तर प्रदेश में 20329 और असम 19541 के बाद प्रदेश अपहरण और गुमशुदगी में तीसरे नंबर पर है।

    - इनमें से पुलिस केवल 7095 को ही ढूंढ पाई। इनमें 4707 लड़की और 2388 लड़के हैं।

    हत्या.... 83 में से 65 गैर लाइसेंसी हथियार से
    - प्रदेश में रिवाल्वर और बंदूक से हत्या में भी गैर लाइसेंसी का ज्यादातर उपयोग हुआ है। मध्यप्रदेश पांचवें नंबर पर है।

    - कुल 83 में से 65 की हत्या गैर लाइसेंस वाले हथियार से की गई। उत्तर प्रदेश 1483 हत्या के साथ पहले नंबर पर है।

    - इसमें 1302 की हत्या गैर लाइसेंसी से हुई है। बिहार में 957 हत्या में दो को छोड़कर बाकी गैर लाइसेंसी हथियार से हुई।

    - झारखंड 792 हत्या में 778 गैर लाइसेंसी और हरियाणा 136 में से 103 गैर लाइसेंस हथियार से हत्या में आगे है। प्रदेश में बिना लाइसेंस वाले हथियार काफी बढ़े है।

    नंबर पांच.... 2004 हत्याएं हुई वर्ष 2016 में
    - देश के 29 राज्यों में हत्या के मामले में प्रदेश पांचवें नंबर पर है। उत्तर प्रदेश 4889 हत्या के साथ आगे है, जबकि बिहार 2581, महाराष्ट्र 2299, पश्चिम बंगाल 2044 और मध्यप्रदेश 2004 के साथ पांचवें नंबर पर है।

    - ये मामूली राहत है कि 2014 में 2274 और 2015 में 2339 के मुकाबले इस साल कम हत्या हुई। हालांकि दहेज हत्या में उत्तर प्रदेश(2473) और बिहार(987) के बाद हम तीसरे नंबर पर आ चुके है। जबकि मध्यप्रदेश में दहेज हत्या के 629 मामले दर्ज हुए हैं।

    दावा.... महिला अपराधों के 90% मामलों में चार्जशीट
    - राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो के आईजी शाहिद अबसार के बयान के मुताबिक आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल अपराधों की संख्या में कमी आई है।

    - वर्ष 2014 में जहां कुल 2.74 लाख अपराध दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2016 में कुल 2.64 लाख अपराध दर्ज हुए हैं।

    - देश की कुल आबादी का 6.2 प्रतिशत भाग मध्यप्रदेश में है और आबादी के लिहाज से यह देश में पांचवे स्थान पर है।

    - पुलिस का दावा है कि वर्ष 2016 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के 90 प्रतिशत आरोपियों की चार्जशीट अदालतों में पेश हो चुकी है। 3882 आरोपियों को सजा भी हो चुकी है।

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Web Title: Murder Behind Convicted Criminals, More Than One Lakh Acquitted
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