--Advertisement--

कंपनियों को बताना होगा हर साल कितनी नौकरियां देंगे, अप्रेंटिस के लिए बनेगा कानून

मोदी नए वित्तीय वर्ष के बजट में राष्ट्रीय रोजगार नीति की घोषणा करने वाले हैं।

Dainik Bhaskar

Jan 23, 2018, 08:19 AM IST
सिम्बॉलिक इमेज। सिम्बॉलिक इमेज।

भोपाल. बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के लिए केंद्र सरकार इस साल बड़ा फैसला ले सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए वित्तीय वर्ष के बजट में राष्ट्रीय रोजगार नीति की घोषणा करने वाले हैं, जिसमें यह साफ हो जाएगा कि निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम हर साल कितने लोगों को नौकरी देंगे। नीति में नियम बनेंगे जो निजी क्षेत्र के लिए भी मान्य होंगे। यानी कंपनियाें को खुद आंकड़े देने होंगे। साथ ही अप्रेंटिस के लिए कानून बनेगा। अभी अस्पष्ट प्रावधान हैं। कुछ साल पहले तक केंद्र सरकार के पीएसयू में अप्रेंटिस होती थी, लेकिन यह अनियमित थी। नीति आने के बाद यह नियमित होगी।


मोदी सरकार देश में बढ़ रही बेरोजगारी को लेकर चिंतित है। पिछले लोकसभा चुनाव में मोदी ने प्रचार के दौरान वादा भी किया था कि हर साल एक करोड़ युवाओं को नौकरी दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आज देश में बेरोजगारों की संख्या 12 करोड़ हो गई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी बेरोजगारी मुद्दे को गंभीरता से लिया है और अपनी हर बैठकों में इसके लिए चिंतन पर जोर दिया है। संघ ने सलाह भी दी है कि 70 सालों में रोजगार नीति नहीं आई है, जिसे लाया जा सकता है।

देश में लगातार बढ़ रही बेरोजगारी दर
श्रम मंत्रालय के लेबर ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार देश में 2013 में 4 लाख 19 हजार, 2014 में 4 लाख 21 हजार और 2015 में 1 लाख 35 हजार नई वैकेंसी निकाली गई। बेरोजगारी दर 2014 में 4.7 प्रतिशत, 2015 में 4.9 प्रतिशत और 2016 में 5 प्रतिशत हो गई।

2017 में 23.90 लाख हो गई बेरोजगारों की संख्या
रोजगार कार्यालय के डाटा के अनुसार पिछले 2 साल में मध्य प्रदेश में 53% बेरोजगार बढ़े हैं। दिसंबर 2015 में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 15.60 लाख थी जो दिसंबर 2017 में 23 लाख 90 हजार हो गई है। प्रदेश के 48 रोजगार कार्यालयों ने मिलकर 2015 में कुल 334 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है।

X
सिम्बॉलिक इमेज।सिम्बॉलिक इमेज।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..