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सैनिक बेटे की मौत की खबर मिली, रात तक पता नहीं चला कैसे, प्रशासन पहुंचा भिलाई गांव

सीएम शिवराज सिंह चौहान के ट्वीट कर शहीद सैनिक को श्रद्धांजलि दी

Danik Bhaskar | Jan 01, 2018, 06:50 AM IST

नसरुल्लागंज. रविवार सुबह 10 बजे भिलाई गांव के ठेबा समले के फाेन पर सूचना आई कि उनका सैनिक बेटा अब नहीं रहा। यह समाचार मिलते ही घर और पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। दिनभर चर्चा चली कि कश्मीर में हुए आतंकी हमले में सैनिक शहीद हुआ है जबकि रात को पता चला कि वह तो जम्मू में पदस्थ था और उसकी मौत अन्य कारणों से हुई है। वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान के ट्वीट कर शहीद सैनिक को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गांव में पूरा सरकारी अमला भी पहुंच गया।


आर्मी की मेडिकल कोर जम्मू में 308 एंबुलेंस में तैनात नसरुल्लागंज तहसील के ग्राम भिलाई निवासी इकराम समले तैनात है। रविवार सुबह आदिवासी गांव भिलाई निवासी इकराम समले (बारेला) 28 वर्ष के शहीद होने की सूचना सैनिक के पिता ठेबा समले के फोन पर लखनऊ से आर्मी की मेडिकल कोर से सूचना दी गई थी। खबर लगते ही परिवारजनों का रो-रोकर हालत खराब हो गई। वहीं गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार सनावतराव देशमुख मौके पर पहुंचे, वहीं एसडीएम एचएस चौधरी व एसडीओपी अनिल त्रिपाठी भी भिलाई पहुंचे। उन्होंने परिवारजनों को ढांढस बंधाया। हालांकि प्रशासन को भी यह जानकारी नहीं मिल सकी कि जम्मू में तैनात इस सैनिक की मृत्यु कैसे हुई है। पिता ठेबा समले ने बताया कि हमारी बात आर्मी के डॉक्टर से बात हुई है कि बेटे की मौत हो गई है। अभी ये नहीं बताया कि कैसे मौत हुई है।

दो माह पहले ही हुई है शादी
गांव सरपंच जयनारायण बारेला ने बताया कि इकराम समले की शादी दो माह पूर्व ही लाड़कुई के कुरीनयापुरा गांव में हुई थी। शादी के 15 दिन बाद ही जम्मू से फोन आया कि तुम्हें ड्यूटी पर आना है। सूचना मिलते ही इकराम समले ड्यूटी पर चला गया। श्री बारेला ने बताया कि सैनिक की माता कारेती बाई के अलावा पत्नी ममता सहित 5 भाई व 6 बहनें हैं। इस संबंध में एसडीओपी अनिल त्रिपाठी ने जानकारी में बताया कि हमले में जवान शहीद तो हुए हैं, लेकिन जिस नंबर से जम्मू कश्मीर से कॉल आया वह यूपी के किसी प्रफ्फुल मिश्रा का है। हमे पिता ने बताया कि बेटे की मौत हो गई है।