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अमेरिका से आई NRI बोली- इंदौर को सुरक्षित मान किया निवेश, पर हो गई धोखाधड़ी

मैंने शहर को सुरक्षित समझकर यहां निवेश किया था, लेकिन जमीन के जालसाजों ने मेरे साथ धोखाधड़ी की।

Dainik Bhaskar

Dec 20, 2017, 07:27 AM IST
NRI bid from US: Indore assumes safe, investment done but fraud

इंदौर . मैंने शहर को सुरक्षित समझकर यहां निवेश किया था, लेकिन जमीन के जालसाजों ने मेरे साथ धोखाधड़ी की। ऐसी मैं अकेली पीड़ित नहीं हूं, बल्कि मेरे साथ 600 पीड़ित हैं जो छह साल से पुलिस से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। डेढ़ साल में 2 दर्जन से ज्यादा जनसुनवाई में गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हमें न्याय नहीं मिला।अमेरिका के अोहायो से शहर से आई एनआरआई दिव्या जैन ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र से ये बातें कहीं। क्या है मामला..


- दिव्या के मुताबिक, वह अमेरिका में फार्मास्युटिकल्स कंपनी में वेलिडेशन इंजीनियर हैं।

- छह साल पहले नागपुर की रियल एस्टेट कंपनी फीनिक्स इन्फ्रा और टीडीएस इन्फ्रा ने इंदौर में तीन प्रोजेक्ट लांच किए थे। इन्हीं में से एक प्रोजेक्ट नैचुरल वैली में 11 लाख रुपए में प्लाॅट लिया था। आज तक न तो प्लाॅट की रजिस्ट्री करवाई गई न कब्जा मिला।

- ऐसा 600 से ज्यादा प्लाॅटधारकों के साथ हुआ। उनके साथ आए मनोज शर्मा ने बताया कि टीडीएस मार्केटिंग कंपनी के आरोपी हरमन सिंह होरा और तरणजीत सिंह होरा पर पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की है। इन पर इनाम भी घोषित किया है, लेकिन वे बेखौफ घूम रहे हैं। जांच काफी समय से अटकी है। हमें न्याय नहीं मिला है। डीआईजी ने जल्द जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बेटी की खुदकुशी में पुलिस पर ठीक जांच नहीं करने का आरोप

- जनसुनवाई में सोनम मालावंत निवासी नंदलालपुरा ने कहा लगाया उनकी बेटी ने आठ महीने पहले आत्महत्या की थी। उसके मोबाइल में अमित भिलवारे के खिलाफ साक्ष्य थे। एमजी रोड टीआई और स्टाफ ने आराेपी से सांठगांठ कर मामले की ठीक से जांच नहीं की। डीआईजी ने जांच डीएसपी क्राइम को सौंपी है।

मुक्तिधाम की सरकारी जमीन पर किया कब्जा

- कलेक्टोरेट में मंगलवार को हुई जनसुनवाई में हातोद से आए ग्रामीणों ने श्मशान की सरकारी जमीन पर कब्जा होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि यहां 15 से 20 करोड़ मूल्य की 2.448 हेक्टेयर जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। इसकी पहले भी शिकायत की जा चुकी है। उस समय कहा गया था कि जल्द ही अतिक्रामकों को हटा दिया जाएगा, लेकिन कार्र‌वाई नहीं हुई।

- ग्रामीणों ने सात दिन में कार्रवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री से शिकायत करने की चेतावनी दी। जनसुनवाई में एक महिला ने शिकायत की कि टेस्ट ट्यूब बेबी के लिए डॉक्टर से इलाज लिया। इसमें सवा लाख रुपए से ज्यादा लग गए। कोई परिणाम नहीं आए। डॉक्टर ने बेवजह रुपए लिए हैं। वापस दिलाए जाएं।

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