Hindi News »Madhya Pradesh »Bhopal »News» Permanent Doctor, Recruitment Rules Present High Court

बीएमएचआरसी में अब आएंगे स्थाई डॉक्टर, भर्ती नियम हाईकोर्ट में पेश

भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) में रोज 700 मरीजों की ओपीडी। 18 से ज्यादा विभाग।

Bhaskar News | Last Modified - Feb 15, 2018, 06:41 AM IST

  • बीएमएचआरसी में अब आएंगे स्थाई डॉक्टर, भर्ती नियम हाईकोर्ट में पेश

    भोपाल/ जबलपुर.भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) में रोज 700 मरीजों की ओपीडी। 18 से ज्यादा विभाग। लेकिन विशेषज्ञों की कमी के चलते इलाज में समस्या होती है। पांच साल में यहां से 10 से ज्यादा डॉक्टर नौकरी छोड़कर जा चुके हैं। इसकी वजह यहां पर सेवा भर्ती नियम नहीं होना थी। चार साल से डॉक्टर और कर्मचारियों के सेवा भर्ती नियम बनाने की फाइल चल रही थी। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बीएमएचआरसी में डॉक्टरों को स्थाई रखने के लिए सेवा भर्ती नियम का ड्राफ्ट जारी कर दिया है।

    - बुधवार को यह ड्राफ्ट हाईकोर्ट जबलपुर में पेश किया गया। विभाग की ज्वाइंट सेक्रेटरी ने कोर्ट को बताया कि डॉक्टरों की भर्ती नियम के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। स्टाफ के लिए नियम बनाने अतिरिक्त मोहलत मांगी। जस्टिस एसके सेठ और जस्टिस अनुराग श्रीवास्तव की खंडपीठ ने समय देने से इनकार कर दिया।

    खंडपीठ ने ज्वाइंट सेक्रेटरी को 22 फरवरी को दोबारा हाजिर होकर चीफ जस्टिस की कोर्ट में जवाब पेश करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि बीएमएचआरसी में नए नियम को कर्मचारी और चिकित्सक लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। बीएमएचआरसी के केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के डीएचआर के हाथों में जाने के बाद से ही भर्ती नियम बनाने के लिए दवाव बन रहा था।

    गैस पीड़ितों की याचिका के बाद बने नए नियम

    - याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता नमन नागरथ ने बताया कि केंद्र ने बीएमएचआरसी में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की सेवा संबंधी नियम नहीं बनाए हैं। भोपाल गैस पीड़ित संगठनों ने आरोप लगाया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय पीड़ितों के इलाज के लिए बन बीएमएचआरसी में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की सेवा संबंधी नियम बनाने में जानबूझकर देरी कर रही है। संगठन का कहना है कि गैस पीड़ितों की याचिका के बाद ही केंद्र सरकार ने नियम बनाए हैं।

    पलायन रुकने के साथ मिलेंगे डॉक्टर
    - यहां पर नेफ्रोलॉजी गेस्ट्रोमेडिसिन, गेस्ट्रो सर्जरी आदि विभागों की सबसे अहम समस्या का केंद्र सरकार ने समाधान कर दिया है। सरकार ने 12 फरवरी को संस्था के ग्रुप ए व ग्रुप बी के नियम का गजट नोटिफिकेशन करा दिया है। इससे एक तरफ जहां संस्था से से चिकित्सकों का पलायन रुकेगा। वहीं दूसरी ओर नए डॉक्टर मिलेंगे।

    लंबी लड़ाई के बाद मिली जीत
    -
    माननीय न्यायालय की फटकार के बाद ही केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है। सेवा भर्ती नियम का लागू होना संस्था के चिकित्सकों की एक बड़ी जीत है। इसका फायदा गैस पीड़ितों को मिलेगा। इसके लिए लंबे समय से लड़ाई जारी थी।
    अब्दुल जब्बार, संयोजक, गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन

India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Bhopal News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Permanent Doctor, Recruitment Rules Present High Court
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×