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3500 में स्पीड गवर्नर लगवाओ, फिर चाहे जितनी रफ्तार से बस दौड़ाओ

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय भोपाल, साेमवार दोपहर एक बजे। चारों तरफ गाड़ियों की लाइन।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 09, 2018, 06:24 AM IST

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    भोपाल. क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय भोपाल, साेमवार दोपहर एक बजे। चारों तरफ गाड़ियों की लाइन। फिटनेस से पहले जिन गाड़ियों में स्पीड गवर्नर नहीं लगा, उनमें लगाने का काम कंपनी के मैकेनिक कर रहे हैं। महज 3500 रुपए में स्पीड गवर्नर लगाने का काम लोडिंग ट्रक में चल रहा है। फिटनेस शाखा में बैठे अफसर एक गाड़ी की फिटनेस जांच महज 5 से 7 मिनट में कर रहे हैं। जबकि इसमें कम से कम 25 मिनट लगने चाहिए। यहां रोजाना आठ घंटे में 70 गाड़ियों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए जाते हैं। सोमवार को यह आंकड़ा 70 के पार पहुंच जाता है।

    बस की हालत नहीं, सिर्फ दस्तावेज देखकर मिल जाता है ओके सर्टिफिकेट

    कागजी खानापूर्ति ही सिस्टम
    - प्रभारी एआरटीओ भारती वर्मा से स्पीड गवर्नर की जांच के बारे में पूछा तो जवाब मिला जांच का अलग से कोई सिस्टम नहीं है। हम विभाग द्वारा अप्रूव्ड कंपनी का सर्टिफिकेट देखते हैं।

    कोई फिजिकल इंस्पेक्शन नहीं
    अधिकृत कंपनियां पैसा लेकर स्पीड गवर्नर लगाने की खानापूर्ति में लगी हैं। फिजिकल इंस्पेक्शन के लिए कोई एसआई मौके पर मौजूद नहीं।

    रोज 20 से ज्यादा स्पीड गवर्नर
    भोपाल में हर दिन आरटीओ दफ्तर के भीतर कंपनियों के मैकेनिकों द्वारा 20 से ज्यादा गवर्नर लगाए जाते हैं। भोपाल में हर दिन करीब दो लाख रुपए का कारोबार होता है।

    एमपी 04 एचबी 9064 ड्राइविंग अंदाज से

    सोमवार को आरटीओ में फिटनेस जांच के लिए बस पहुंची। फिटनेस 14 जनवरी को खत्म हो रहा है। भास्कर ने ड्राइवर रमेश से बात की तो पता चला बस कंडम हो चुकी है। स्पीडोमीटर भी नहीं चल रहा है। फिर भी नया स्पीड गवर्नर 3500 रुपए देकर लगवाया है। जब पूछा गया कि स्पीड कैसे पता चलेगी तो बोला- अंदाज से।

    टेक्निकल कमेटी बने

    - स्पीड गवर्नर की जांच के लिए एक टेक्निकल टीम बनाना चाहिए। जो गाड़ियों का ट्रायल करवाए। सप्ताह में एक दिन सिर्फ स्पीड गवर्नर की हकीकत को जाना जाए। सिर्फ दिखावे के नाम पर जांच करना ठीक नहीं है। ऐसे में हादसे पर रोक लगाना मुश्किल होगा।

    - एनके त्रिपाठी, पूर्व आयुक्त परिवहन

    नई व्यवस्था करेंगे
    - स्पीड गवर्नर लगाने और उसकी जांच के लिए नया सिस्टम बनाया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। एक सप्ताह में इसे लागू कर दिया जाएगा।
    मलय श्रीवास्तव, पीएस, परिवहन

    जो स्कूल बसों में नियमों का पालन न करें उनकी मान्यता रद्द करो : सीएम

    - सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्कूलों में परिवहन व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बसों में लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए स्पीड गवर्नर लगाने और उसकी जांच के लिए नया सिस्टम बनाया जाएगा।

    - सीएम ने कहा कि जो स्कूल तय मापदंडों का पालन नहीं करते उनकी मान्यता रद्द कर दी जाए। सुरक्षा मापदंडों का पालन नहीं किया जाता तो स्कूलों के लिए जो अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, उन्हें निरस्त किया जाए।

    - सीएम ने यह निर्देश स्टेट हैंगर पर स्कूल शिक्षा और परिवहन विभाग के अफसरों की बैठक में दिए। उन्होंने वाहनों की जांच के लिए ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर स्थापित करने को भी कहा। परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव ने साफ किया कि किसी भी सूरत में स्कूलों में 15 साल से पुरानी बसें नहीं चलेंगी।

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Web Title: PhD Scholar Created Terror, AMU Extracted, Bhopal Came 2 Years Ago
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