भोपाल

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विधानसभा में उठा सतना में 1000 Cr का सरकारी जमीन घोटाला, जांच पर सवाल

नेता प्रतिपक्ष के आरोपों को पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने भी गंभीर बताया।

Danik Bhaskar

Mar 08, 2018, 02:14 AM IST
मामला बुधवार को मध्यप्रदेश वि मामला बुधवार को मध्यप्रदेश वि

भोपाल. हेराफेरी कर एक हजार करोड़ की सरकारी जमीन निजी लोगों को दिए जाने का मामला बुधवार को प्रश्नकाल में उठा। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आरोप लगाया कि सतना जिले के सोनोरा और राम स्थान में प्रभावशाली लोगों के दबाव में सरकारी जमीन निजी लोगों को दे दी गई। जिला और पुलिस प्रशासन ने दोषियों पर कार्रवाई नहीं की। नेता प्रतिपक्ष के आरोपों को पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने भी गंभीर बताया। उन्होंने कि जब कलेक्टर पुलिस को रिपोर्ट लिखने आदेश दे रहा है तो एफआईआर क्यों नहीं लिखी गई। यह जांच का विषय है।

राजस्व मंत्री ने गड़बड़ी होने की बात स्वीकारी

सिंह के सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने सरकारी जमीन खरीद-फरोख्त मामले में गड़बड़ी होने की बात स्वीकार की। अभी तक जो भी जांच हुई है, उन्हें भी इसमें प्रथम दृष्टया तो लीपापोती ही नजर आती है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच मुख्य सचिव से करवाई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।

विपक्ष का आरोप- पूरे मामले में प्रभावशाली लोग शामिल

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि उन्होंने जमीन घोटाले के बारे में 20 फरवरी 2018 को कलेक्टर सतना और एसपी सतना को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने शासकीय भूमि घोटाले के आरोपी पटवारी रामानंद सिंह, शिवभूषण सिंह, रामशिरोमणि सिंह, तहसीलदार आरएन खरे, मनोज श्रीवास्तव सहित करीब 22 आरोपियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध केस दर्ज करने की मांग की। बावजूद इसके अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सिंह ने आरोप लगाया कि इस बात से पुष्टि होती है कि पूरे मामले में प्रभावशाली लोग शामिल हैं, इसलिए कार्रवाई नहीं हो रही है।

जांच पर सवालिया निशान
तत्कालीन कलेक्टर सतना ने 22 मार्च 2016 को शासकीय भूमि के इस घोटाले के संबंध में जांच के आदेश दिए। यहां परिवहन विभाग 16 टन खनिज परिवहन करने का परमिट देता है और 40 टन का परिहवन हो रहा है। इस मामले को भी पकड़ा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होना अब तक हुई जांच पर सवालिया निशान लगाता है।

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