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पिता ने उठाया व्यापमं का केस, तो मकान खाली करने के लिए दिया 4 दिन का समय

मुख्यमंत्री सचिवालय के इशारे पर बंगला खाली कराए जाने की कार्रवाई की गई।

Danik Bhaskar | Dec 23, 2017, 05:33 AM IST
74बंगले स्थित कटारे के सरकारी आवास पर पहुंची पीडब्ल्यूडी की टीम फोटो। 74बंगले स्थित कटारे के सरकारी आवास पर पहुंची पीडब्ल्यूडी की टीम फोटो।

भोपाल. व्यापमं के मामले को उठाने वाले पूर्व नेता प्रतिपक्ष रहे स्वर्गीय सत्यदेव कटारे के विधायक पुत्र हेमंत कटारे ने आरोप लगाया है कि सरकार मुझे परेशान करने के लिए तमाम हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि चूंकि मेरे पिताजी ने व्यापमं मामले को उठाया था। इसलिए बदले की भावना के चलते मुख्यमंत्री सचिवालय के इशारे पर बंगला खाली कराए जाने की कार्रवाई की गई।

शुक्रवार को संपदा संचालनालय, लोक निर्माण विभाग का अमला बंगले से छह साल पहले उपलब्ध कराए गए सामान की रिकवरी करने पहुंचा। इलेक्ट्रिकल एंड मैकेनिकल शाखा के अफसरों का कहना है कि बंगले से दो एसी, एक फ्रिज और वाटर कूलर नहीं मिला है। यह सूची विधानसभा सचिवालय को सौंप दी जाएगी, आगे रिकवरी की कार्रवाई वहीं से होगी।

वहीं, कटारे ने कहा है कि तो मुझे बंगला आवंटित किया गया था, यह बंगला मेरे पिताजी को आवंटित था। इसलिए क्या सामान दिया गया था, उस दौरान बंगले पर कार्यरत स्टॉफ जानकारी देगा। इतना जरूर है कि मुझे 6 अक्टूबर को सरकार से जारी नोटिस दो दिन बाद 8 अक्टूबर को मिला, जिसमें चार दिन में यानी 12 अक्टूबर तक मुझसे बंगला खाली करने को कहा गया। इस नोटिस में बंगला खाली कराए जाने के लिए भोपाल एसपी को तहसीलदार प्रीति श्रीवास्तव को पुलिस बल मुहैया कराए जाने के निर्देश दिए गए।

कटारे ने सुरक्षा के लिए विधानसभा अध्यक्ष से की गुहार
कटारे ने कहा कि इस पर मंैने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह और अपर मुख्य सचिव गृह को पत्र लिखकर मेरा भोपाल में भारती निकेतन स्थित पैतृक आवास जर्जर होने की स्थिति में मरम्मत पूरी होने तक 45 दिन तक बी-11, 74 बंगला में रहने की अनुमति मांगी। बाजार दर से किराया दिए जाने की भी बात कही, जिसे खारिज कर दिया गया। इस पर मजबूरन हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जहां से कोर्ट ने मुझे 45 बंगले में रहने की अनुमति दी और स्पष्ट निर्देश दिए कि आवास खाली कराए जाने में पुलिस बल का उपयोग किया जाए।

सरकारी आवास पर पहुंची पीडब्ल्यूडी की टीम। सरकारी आवास पर पहुंची पीडब्ल्यूडी की टीम।