--Advertisement--

स्कूल बस/वैन हड़ताल: आज नहीं आएंगी स्कूल वैन और बसें, बच्चों को ले जाना पड़ेगा स्कूल

राजधानी में बुधवार को स्कूल वाहन चालकों की हड़ताल है।

Dainik Bhaskar

Jan 17, 2018, 03:46 AM IST
School bus / van strike: School van and buses will not come today

भोपाल. राजधानी में बुधवार को स्कूल वाहन चालकों की हड़ताल है। इसे लेकर एक दिन पहले प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ ने वाहन चालकों की बैठक बुलाई। एडीएम दिशा नागवंशी ने कहा कि इंदौर की डीपीएस बस दुर्घटना के बाद से हर अभिभावक के दिल में डर बैठा है। जब तक बच्चा सुरक्षित घर नहीं पहुंच जाता, अभिभावक इंतजार करते रहते हैं। हम सब भी अभिभावक हैं। इसलिए इतनी सख्ती करते हैं। पांच साल से सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन को लागू करने के लिए बैठक कर रहे हैं। लेकिन आप लोग हर बार कोई न कोई बहाना बना देेते हैं।

- इस पर स्कूल बस ऑनर्स एसोसिएशन के सचिव सुनील दुबे ने कहा कि जरूरी नहीं है कि हर बार स्टीयरिंग फेल हो जाए। यह टेक्निकल गड़बड़ी थी। इसमें न तो बस मालिक की गलती थी और न ड्राइवर की। यदि गड़बड़ी थी तो स्पीड गवर्नर लगाने वाली कंपनी की। उसके खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए।

- यहां पर ऐसी व्यवस्था की जाए कि गवर्नर लगाने के बाद भी तय लिमिट से ज्यादा पर बस चले तो उस कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। न कि जबरन बस संचालकों को परेशान किया जाए।

किसने क्या कहा

महेंद्र जैन (एएसपी ट्रैफिक) : हर साल स्कूल वैन और बसों गाइडलाइन को लेकर बैठक बुलाते हैं। आप लोग क्यों नहीं मानते?
- शिवकुमार सोनी (स्कूल वाहन चालक सेवा समिति के अध्यक्ष) : चैकिंग के नाम पर जबरन परेशान किया जाता है। वैन में यदि 10 बच्चे बैठा लेते हैं तो 5000 का जुर्माना लगा देते हैं। ऐसे में गाड़ी कैसे चलाएंगे।
अजय वाजपेयी (डीएसपी ट्रैफिक) :

- चैकिंग तो होगी जब तक सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन नहीं हो जाता। जिनकी गाड़ी फिट नहीं है, उसको अब समय नहीं दिया जाएगा। चाहे गाड़ी चलाएं या न चलाएं।
सुनील दुबे (सचिव, बस ऑनर्स एसो.):

- जिन बसों में स्पीड गवर्नर, जीपीएस, कैमरे लगे हैं उनको सिर्फ प्रदूषण जांच के नाम पर जब्त किया जा रहा है। यह ठीक नहीं है। ऐसे में बच्चों को छोड़ने में दिक्कत होती है।
कैलाश कुमार (बस संचालक) : स्पीड गवर्नर लगे हैं उसके बाद भी जगह-जगह चैकिंग के नाम पर परेशान किया जाता है। एक ही जगह बुलाकर जांच कराई जाए, ताकि वक्त बर्बाद न हो।
दिशा नागवंशी (एडीएम) :

- पहले भी कई बार यही सुझाव आया था, पर वाहन चालक गायब हो जाते हैं। इसलिए पॉइंट लगाकर चैकिंग ही ठीक है। अपनी गाड़ियों को ठीक रखें बस। गाड़ियों में लेडी अटेंडर अनिवार्य कर दिया गया है।
शिवकुमार सोनी: स्कूल वाले अटेंडर नहीं भेजते हैं। ऐसे में क्या करें?
- महेंद्र जैन: बार-बार कहने के बाद आप लोगों को समझ में नहीं आ रहा है। यदि कोई घटना हो गई तो कोई भी मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे । इसलिए जिस गाड़ी में बच्ची होंगी वहां पर अटेंडर रखा जाएगा।

स्कूल बसों में समस्या

- कुल 1768 स्कूल बसों में से 522 की हालत सबसे ज्यादा खराब है। यह बसें 15 से 20 साल पुरानी हैं।
- इन बसों में 400 वे स्कूल बस शामिल हैं, जो दिल्ली में रिजेक्ट होने के बाद यहां संचालित की जा रही हैं।

वैनों में कमी

- अधिकतर वैन गैस से चलती हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के मुताबिक उन्हें आरटीओ से स्कूली वैन का परमिट नहीं दिया जा सकता।
- करीब 4500 में से 80 फीसदी से ज्यादा वैन 10 से 15 साल तक पुरानी हैं।

X
School bus / van strike: School van and buses will not come today
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..