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522 स्कूली बसें बदहाल हैं, 20 हजार बच्चे करते हैं रोजाना सफर

राजधानी के 118 निजी स्कूलों में पढ़ रहे सवा लाख स्टूडेंट्स में से 90 हजार छात्र बसों से घर से स्कूल तक का सफर करते हैं।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 07, 2018, 05:54 AM IST

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    भोपाल.राजधानी के 118 निजी स्कूलों में पढ़ रहे सवा लाख स्टूडेंट्स में से 90 हजार छात्र बसों से घर से स्कूल तक का सफर करते हैं। स्कूल संचालकों ने बच्चों को लाने - ले - लाने के लिए 1,768 बसें लगाई हैं। इनमें से 522 बसें कंडम हैं, जिनमें 400 वह बसें हैं जिन्हें दिल्ली से लाकर यहां चलाया जा रहा है। इन बसों से रोजाना 20 हजार बच्चे सफर करते हैं। इंदौर में हुए हादसे के बाद यहां स्कूल बसों की पड़ताल में यह हकीकत सामने आई है।

    - भोपाल के स्कूल बस ऑपरेटर्स ने परिवहन दफ्तर में दिल्ली में प्रदूषण मानकों के कारण बाहर की गई बसों का रजिस्ट्रेशन कराया है। इंदौर में हुए स्कूल बस हादसे के बाद शनिवार को परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने 6 घंटे में 60 बसाें की जांच की । अमले को इन बसों में से केवल एक बस अनफिट मिली है, जिसका फिटनेस सर्टिफिकेट 3 महीने पहले एक्सपायर हो चुका था।

    इन बसों की जांच कभी नहीं होती

    जवाहर प्राइमरी स्कूल भेल के सामने

    - बस नंबर एमपी 04 पीए 2713 खड़ी है। बस की बॉडी में अलग - अलग स्थानों पर 6 डेंट हैं। बस में पीछे की ओर दिखावे के लिए इमरजेंसी गेट बना है। लेकिन, उसे अंदर से स्थाई रूप से स्टाफ ने लॉक कर दिया है।

    जवाहर सेकेंडरी स्कूल के सामने

    - स्कूल की छुट्टी होने को है। बस नंबर एमपी 09 व्ही 1923 खड़ी है। बस की बांई ओर की इंडिकेटर लाइट टूटी हुई है। बस की बाडी के पिछले हिस्से से टीन की प्लेट टूटी हुई है। टायर घिसे हुए हैं।

    जिम्मेदारों के अपने-अपने दावे

    - राजधानी के स्कूल-कॉलेजों में चल रही कोई भी बस कंडम नहीं हैं। - राजेंद्र शर्मा, सचिव, मप्र स्कूल-कॉलेज बस ऑनर्स एसो.
    - अब 15 साल से पुरानी बस स् में अब 15 साल से पुरानी कोई भी बस नहीं चलेगी।
    डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मप्र

    अब स्कूल बसों की रफ्तार 60 की जगह 40 किमी प्रति घंटा
    इसी तरह गृह व परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने स्कूल बसों की स्पीड कम करने के आदेश जारी किए हैं। इनमें कहा गया है कि अब स्कूल बसों की रफ्तार 60 की जगह 40 किमी प्रति घंटा होगी। सुरक्षात्मक दृष्टि से रफ्तार को कम करने की बात आदेश में कही गई है।

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Web Title: School Buses Are Bad, Thousand Children Travel Everyday
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