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​3 बदमाशों ने स्कूटी पर जा रहीं महिलाओं से झपटा पर्स, गिरने से दोनों घायल

लालघाटी चौराहा के पास बाइक सवार तीन लुटेरे चैकिंग के बीच स्कूटी सवार महिलाओं का पर्स लूटकर फरार हो गए।

Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 06:11 AM IST

भोपाल . लालघाटी चौराहा के पास बाइक सवार तीन लुटेरे चैकिंग के बीच स्कूटी सवार महिलाओं का पर्स लूटकर फरार हो गए। वारदात के दौरान घबराकर महिलाओं की स्कूटी फिसल गई और वे घायल हो गईं। शिकायत पर बैरागढ़ पुलिस थाने की टीम मौके पर पहुंची और घटना स्थल कोहेफिजा का होने कहकर चली गई। बाद में पीड़ितों ने कोहेफिजा थाने पहुंचकर अज्ञात बाइक सवारों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

- बैरागढ़ के ओल्ड सीआरपी कैंपस के पास रहने वाले राजेश नोटरी का काम करते हैं। उनकी 28 वर्षीय पत्नी दीपिका अपनी छोटी बहन हर्षा के साथ शनिवार को रॉयल मार्केट में एक डॉक्टर के पास आईं थीं।

- शाम करीब साढ़े 7 बजे वहां से लौटते वक्त लालघाटी चौराहा से बैरागढ़ की तरफ जाते समय सनसिटी गार्डन के सामने बाइक सवार तीन बदमाशों ने दीपिका के पीछे बैठी हर्षा के कंधे पर झपट्टा मारते हुए पर्स छीन लिया।

- इससे स्कूटी अनियंत्रण हुई और फिसलने से दोनों गिरकर घायल हो गईं। लोगों की मदद से दीपिका ने अपने पति राजेश को फोन किया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद दीपिका अपनी बहन को लेकर घर आ गईं।

- उन्होंने लूट की वारदात के बारे में पति को बताया। पति के अनुसार उसके बाद वे बैरागढ़ पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने लूट की शिकायत की तो पुलिसकर्मी उन्हें घटना स्थल लेकर आए। मुआयना करने के बाद उन्होंने कहा कि यहां तो कोहेफिजा थाना लगता है।

- उसके बाद वे चले गए। हमने कोहेफिजा पुलिस थाने पहुंचकर लूट का मामला दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि पर्स में 2 मोबाइल फोन और ढाई हजार रुपए नकदी के अलावा अन्य कागजात रखे हुए थे।

काफी घबरा गई थीं दीपिका और हर्षा
- घटना के बाद दीपिका और हर्षा काफी घबरा गईं। राजेश ने बताया कि दोनों घबराहट में गाड़ी का नंबर तो दूर आरोपियों तक को नहीं देख पाईं।

- आरोपी पर्स लूटकर तो ले गए, लेकिन गनीमत रही कि दोनों को ज्यादा चोटें नहीं आई। लूट के कारण स्कूटी फिसल गई थी, ऐसे में कुछ भी हो सकता था।

पुलिस सतर्क होती तो पकड़ा सकते थे लुटेरे

- डीआईजी संतोष कुमार सिंह के आदेश के बाद शहर भर में शाम 6 बजे बजे से रात 9 बजे तक थाना पुलिस चैकिंग प्वॉइंट लगाती है।

- इस दौरान शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर पुलिस की अधिक से अधिक संख्या होती है।

- अगर घटना के बाद शिकायत मिलने पर बैरागढ़ पुलिस घटना स्थल का मुआयना करने की जगह अन्य थानों की पुलिस को अलर्ट करती, तो आरोपियों को पकड़ा भी जा सकता था। रात 10 बजे से ट्रैफिक पुलिस भी शहर भर में चैकिंग प्वॉइंट लगाती है।