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जाधव की मां-पत्नी से बेइज्जती का विरोध, पाक दूतावास को डाक से भेजा जूता

पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव की मां और वाइफ से मुलाकात कराते वक्त जूते और बिंदी निकलवाने के बाद देश भर में इस श

Dainik Bhaskar

Dec 29, 2017, 11:45 PM IST
- पहली बार है जब किसी व्यक्ति ने अपना विरोध दर्ज कराने जूतों का सहारा लिया है। - पहली बार है जब किसी व्यक्ति ने अपना विरोध दर्ज कराने जूतों का सहारा लिया है।

अशोकनगर (भोपाल). पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव की मां और वाइफ से मुलाकात कराते वक्त जूते और बिंदी निकलवाने के बाद देश भर में इस शर्मनाक हरकत का विरोध हो रहा है। शहर के एक लड़के न ने अपना विरोध दर्ज कराने अलग ही रास्ता चुना है। उसने पाकिस्तान के दूतावास पर दो जोड़ी जूते डाक से भेजे हैं। साथ ही शनिवार को 100 जोड़ी जूते डाक से पाकिस्तान दूतावास पर भेजेंगे। पाकिस्तान ने नहीं किए जूते वापस...

- पहली बार है जब किसी व्यक्ति ने अपना विरोध दर्ज कराने जूतों का सहारा लिया है। जूते भेजने वाले शख्स नीरज जैन ने के मुताबिक, जाधव की गिरफ्तारी के बाद पहली बार उनकी मां और पत्नी को मिलने दिया गया।
- ऐसे में भावना होना चाहिए कि एक मां को अपने बेटे से सम्मानजनक तरीके से मिलाया जाए लेकिन पाकिस्तान ने ऐसी शर्मनाक हरकत की जिससे पूरा देश गुस्से में है। मां और पत्नी की बिंदी निकलवा ली और जूते उतरवा लिए, हैरानी की बात तो तब हो गई जब उनके जूते वापस ही नहीं किए।

- पाकिस्तान की हरकत से समझ में आ रहा है कि उसे जूते की ही भाषा समझ आती है इसलिए उसके लिए उसकी इस हरकत के कारण ही दो जोड़ी जूते पाकिस्तान दूतावास को भेज दिए।

- उन्होंने बताया कि भारत देश में महिलाओं का सदैव सम्मान किया गया है लेकिन पाकिस्तान की हरकत से देश की भावना आहत हुई है। 100 जोड़ी जूते डाक से भेजेंगे।

अपने खर्च पर कर रहे जूतों की पैकिंग, लोगों को जाेड़ रहे विरोध की मुहिम से

- शर्मनाक हरकत के बाद शख्स ने शहर में देशप्रेम की मुहिम छेड़ी है जो लोगों को गली मोहल्ले में जाकर समझा रहा है। साथ ही अपील कर रहा है कि अपने घर पर रखे पुराने जूते पाकिस्तान के दूतावास पर भेजें। जूतों के पैकेट की पैकिंग वो खुद अपने खर्च पर कर रहे हैं।

डाक से भेजा है दूतावास को जूता। डाक से भेजा है दूतावास को जूता।
कैंपेन के तहत 100 जोड़ी जूते डाक से भेजेंगे। कैंपेन के तहत 100 जोड़ी जूते डाक से भेजेंगे।
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- पहली बार है जब किसी व्यक्ति ने अपना विरोध दर्ज कराने जूतों का सहारा लिया है।- पहली बार है जब किसी व्यक्ति ने अपना विरोध दर्ज कराने जूतों का सहारा लिया है।
डाक से भेजा है दूतावास को जूता।डाक से भेजा है दूतावास को जूता।
कैंपेन के तहत 100 जोड़ी जूते डाक से भेजेंगे।कैंपेन के तहत 100 जोड़ी जूते डाक से भेजेंगे।
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