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20 नए डॉक्टर और 63 विशेषज्ञ मिलेंगे पहली बार किडनी व लिवर ट्रांसप्लांट भी

गैस राहत अस्पतालों की सेहत सुधारने के लिए सरकार ने नया प्लान बनाया है। 20 नए डॉक्टरों की संविदा पर नियुक्ति होगी।

Danik Bhaskar | Dec 03, 2017, 04:58 AM IST

भोपाल . गैस राहत अस्पतालों की सेहत सुधारने के लिए सरकार ने नया प्लान बनाया है। 20 नए डॉक्टरों की संविदा पर नियुक्ति होगी। अगले दो महीने के भीतर इनको रखने काम पूरा कर लिया जाएगा। इसी तरह किडनी, श्वांस, लिवर सहित अन्य बीमारियों के 63 विशेषज्ञों को रखने का फैसला गैस राहत मंत्री विश्वास सारंग, उपसचिव केके दुबे और प्रमुख सचिव गौरी सिंह के बीच हुई बैठक में लिया गया है। अगले महीने में प्रक्रिया शुरू होगी।

- इन डॉक्टरों को कमला नेहरू, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी महिला एवं बाल्य चिकित्सालय, मास्टर लाल सिंह अस्पताल में लेंगे। पहली बार किडनी, लिवर ट्रांसप्लांट और कैंसर का इलाज भी प्राइवेट अस्पताल में हो सकेगा।

- किडनी ट्रांसप्लांट के लिए चिरायु के साथ अनुबंध किया है। वहीं, लिवर ट्रांसप्लांट के लिए दिल्ली के आईएलबीएल के लिए एनओसी दी जा रही है। इसी तरह कैंसर के लिए नवोदय, चिरायु और जवाहरलाल नेहरु कैंसर अस्पताल से अनुबंध को आगे बढ़ाया गया है।

अगले दो महीने में डॉक्टरों की नियुक्तियां करेंगे

- गैस राहत विभाग के 7 अस्पताल। रोजाना 4 हजार मरीज आतेे हैं। एमआरआई, सीटी स्कैन, कलर डॉप्लर और पेट सीटी, मेमोग्राफी आउटसोर्स।

- करीब 4800 कैंसर मरीज रजिस्टर्ड। इनके इलाज पर करीब 43 करोड़ रुपए खर्चं। इलाज 1998 में शुरू किया गया था।

- करीब 3 हजार किडनी मरीज। इनमें से 2174 सप्ताह में दो बार डायलिसिस पर हैं । सिर्फ 10 डायलिसिस मशीनें ही हैं।

12 मंत्री, बेहिसाब वादे
- सरकारें हमेशा दावे करती हैं। 33 साल में 12 से ज्यादा मंत्री बदल गए। सभी ने दावा किया। हाईकोर्ट में दायर याचिका का सरकार ने कोई जवाब तकनहीं दिया है।

अब्दुल जब्बार, संयोजक, गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन

पहली बार ट्रांसप्लांट की सुविधा
- 63 विशेषज्ञों को रखने पर फैसला हो गया है। किडनी-लिवर के मरीजों का देश के चुनिंदा अस्पतालों में इलाज होगा। किडनी लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा पहली बार शुरू की जा रही है।
विश्वास सारंग, राज्य मंत्री गैस राहत एवं सहकारिता