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महिला आयोग की सुनवाई के दौरान स्टॉफ ने की मारपीट, केस दबाने का आरोप

फरियादी का बेटा अध्यक्ष के पीए द्वारा उनके मामले में किए जा रहे हस्तक्षेप से परेशान था।

bhaskar news | Last Modified - Dec 23, 2017, 05:29 AM IST

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    नेहरू नगर निवासी आयुष

    भोपाल.महिला आयोग में आयोजित दो दिवसीय बेंच में शुक्रवार को आयोग के कर्मचारियों ने फरियाद लेकर पहुंची महिला के बेटे के साथ मारपीट कर दी। फरियादी का बेटा अध्यक्ष के पीए द्वारा उनके मामले में किए जा रहे हस्तक्षेप से परेशान था।

    सुनवाई कक्ष से पीए द्वारा निकाले जाने से नाराज बेटे ने केबिन में जाकर उन्हें मामले में दखल न देने की चेतावनी दी, जिसके बाद विवाद बढ़ा। सुनवाई के दौरान हंगामा होने पर अध्यक्ष ने शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में फरियादी के बेटे को पुलिस के हवाले कर दिया। श्यामला हिल्स थाने में दोनों के बीच समझौता हो गया।


    झगड़ा अध्यक्ष लता वानखेड़े के पीए प्रवीण साहू द्वारा 5 हजार रुपए लेकर फाइल क्लोज किए जाने के आरोप को लेकर बढ़ा था। फरियादी अनुराधा मेहता के बेटे आयुष मेहता का आरोप था कि प्रवीण नहीं चाहते थे कि उनकी सुनवाई हो। इसलिए वे हर बार उन्हेंं भगा देते थे। उन्हे और मां को साहू ने फिर सुनवाई कक्ष से बाहर निकाल दिया था, जिसका उन्होंने विरोध किया। वे समझाने गए तो उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। वहीं साहू का कहना था कि वे मां-बेटे को नहीं जानते हैं। उसने रुपया लेने का आरोप लगाया था जिसकी वजह से उन्हें गुस्सा आ गया। इधर, अध्यक्ष का कहना है कि आयोग के खिलाफ जो भी आरोप लगाए हैं, वे गलत हैं। आवेदक को कोई गलतफहमी हुई है।

    बिना सुने बंद कर दी थी आयोग ने फाइल

    नेहरू नगर निवासी आयुष के मुताबिक मां ने 14 सितंबर 2017 को महिला आयोग में चाचा के खिलाफ शिकायत की थी। इस पर आयोग में फाइल तैयार हुई थी। मां को नंवबर में हुई बेंच में बुलाया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उन्हें यह कहकर वापस कर दिया गया कि अनावेदक स्मित मेहता देश के बाहर हैं। बाद में पता चला कि उन्हें सुने बिना ही फाइल क्लोज कर दी गई। इसकी शिकायत उन्होंने अध्यक्ष से की, जिस पर उन्होंने फिर से आवेदन कहा। उन्होंने 31 अक्टूबर को फिर आवेदन दिया। सुनवाई के लिए वे फिर आए थे। उन्हें और उनकी मां को चार बुलाया जा चुका है।

    देवर के खिलाफ शिकायत लेकर गई थी आयोग

    अनुराधा की शिकायत थी कि पति स्व. सुबोध मेहता और देवर स्मित ने रायल मार्केट में विकलांग कोटे के तहत ममता गैस एजेंसी खोली थी। चूंकि स्मित विकलांग हैं, इसलिए एजेंसी मिल गई। पति की मौत के बाद देवर ने बिजनेस कब्जे में ले लिया। एजेंसी में पति के शेयर भी उन्हें नहीं दे रहे हैं। जिसकी वजह से उन्हें आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ा रहा है। यही नहीं, देवर उन्हें कई तरह से प्रताड़ित कर रहा है।

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    ऐसे हुई थी झड़प
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Web Title: Stuff Strikes During Hearing
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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