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पटवारी एग्जाम: 8 हजार छात्रों के हिसाब से TCS पर बनती है 4 cr की पेनाल्टी

पटवारी परीक्षा में तकनीकी खामी और लापरवाही के चलते परीक्षा से वंचित हुए आठ हजार उम्मीदवारों के हिसाब से टीसीएस कंपनी पर

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 06:28 AM IST

भोपाल. प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) की पटवारी परीक्षा में तकनीकी खामी और लापरवाही के चलते परीक्षा से वंचित हुए आठ हजार उम्मीदवारों के हिसाब से टीसीएस कंपनी पर पेनाल्टी लगना तय है। दरअसल, पीईबी और कंपनी के बीच हुए करार की शर्तों में इस प्रावधान का स्पष्ट उल्लेख है। पीईबी प्रबंधन ने भले ही अभी तक कंपनी को दोषी बताने से इंकार किया हो, लेकिन टेंडर और करार की शर्तों के हिसाब से कंपनी पर प्रति उम्मीदवार पांंच हजार रुपए यानी चार करोड़ रुपए की पेनाल्टी बनती है। भास्कर ने टेंडर के हिसाब से इन शर्तों के पालन की सच्चाई जानी तो कई खामियां मिलीं। पीईबी ने जनवरी 2015 में अगले तीन साल की ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए टेंडर निकाले थे। यूएसटी ग्लोबल के बाद टीसीएस को दिया ऑनलाइन परीक्षा का काम...


- ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए 3 आईटी कंपनियों ने टेंडर में भाग लिया था। इनमें टीसीएस, यूएसटी ग्लोबल और वायम टेक शामिल थीं।

- फाइनेंशियल बीड में प्रति परीक्षार्थी के हिसाब से टीसीएस ने 299 रुपए, यूएसटी ग्लोबल ने 207 रुपए और वायम टेक ने 360 रुपए कोट किया था।

- पीईबी ने सबसे कम कोट करने वाली यूएसटी ग्लोबल को 207 रुपए प्रति परीक्षार्थी के हिसाब से ऑनलाइन परीक्षा करने चयनित किया।

- बाद में तकनीकी दिक्कतों का हवाला देकर यह काम टीसीएस को 207 रुपए की दर पर दिया गया था।

- जब हमने पीईबी डायरेक्टर चंद्र मोहन ठाकुर और परीक्षा नियंत्रक एकेएस भदौरिया से बात करना चाही तो कई बार कॉल करने के बाद भी दोनों ने मोबाइल रिसीव नहीं किए।

ऐसे हैं पेनाल्टी के प्रावधान
- निर्धारित मानकों के अनुरूप पर्यवेक्षक नहीं हो तो 5 हजार रु. प्रति पर्यवेक्षक पेनाल्टी।

- तकनीकी खराबी या लापरवाही के कारण परीक्षा न हो पाने पर 5 हजार रु. प्रति परीक्षार्थी पेनाल्टी।

- परीक्षा केंद्र पर तकनीकी खराबी या लापरवाही के कारण परीक्षा में 1 घंटे से ज्यादा की देर होने पर प्रति केंद्र 5 लाख रु. पेनाल्टी।

- परीक्षार्थी का कंप्यूटर खराब होने या अनुपलब्ध होने पर 5 हजार रु. प्रति कंप्यूटर पेनाल्टी।

- तकनीकी खराबी या लापरवाही के कारण पूरी परीक्षा नहीं होने पर 1 करोड़ रु. की पेनाल्टी का प्रवधान है।

शौचालय, पानी की व्यवस्था भी नहीं थी कई केंद्रों पर
- परीक्षा मंें शामिल होंगे 12 लाख उम्मीदवार। इस वजह से एक हॉल में 30 से ज्यादा परीक्षार्थी नहीं बैठाने वाले नियम का पालन नहीं हुआ। कई सेंटर में ज्यादा परीक्षार्थी थे।

- कुछ परीक्षा केंद्रों में पार्किंग, शौचालय, पानी और हाइट एडजस्टेबल कुर्सियों की मौजूदगी पर्याप्त नहीं थी। {ऑनलाइन मॉक टेस्ट की व्यवस्था मौके पर नहीं की गई।
(जैसा पटवारी परीक्षा दे चुके परीक्षार्थियों ने दैनिक भास्कर संवाददाता को बताया)

नियम... परीक्षा केंद्रों पर इन व्यवस्थाओं का होना जरूरी

- सभी परीक्षा केंद्रों में कम से कम 100 सीट अनिवार्य होगी।

- एक परीक्षा हॉल में 200 से ज्यादा सीटें नहीं होना चाहिए।

- प्रत्येक परीक्षार्थी के लिए परीक्षा हॉल में कम से कम 20 वर्गफीट की जगह होनी चाहिए। अर्थात 20x30 के हॉल में 30 से ज्यादा परीक्षार्थी नहीं बैठाए जा सकते हैं।

- परीक्षा केंद्र नगर निगम/ नगर पालिका की सीमा से 5 किलोमीटर के भीतर होना चाहिए। {परीक्षार्थियों की पहचान एवं दस्तावेजों के सत्यापन के लिए प्रत्येक 50 परीक्षार्थियों के बीच एक सत्यापन (आइडेंटिटी वेरिफिकेशन) काउंटर लगाया जाना चाहिए।

- अर्थात यदि 500 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहें हैं तो उनके लिए कम से कम 10 आइडेंटिटी वेरिफिकेशन काउंटर लगाना आवश्यक है।

- परीक्षा केंद्रों पर दिव्यांगों के लिए जरूरी व्यवस्था होनी चाहिए। {परीक्षा केंद्रों में पार्किंग, शौचालय, पीने का पानी, रोशनी एवं परीक्षार्थियों के लिए हाइट एडजस्टेबल कुर्सियों की व्यवस्था होनी चाहिए।

- परीक्षा केंद्र में कम से कम 2 सीसीटीवी कैमरे होने चाहिए। परीक्षार्थियों की संख्या 50 से अधिक होने पर प्रत्येक 50 परीक्षार्थियों पर 1 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरा होना चाहि।

- परीक्षा केंद्र में प्रत्येक 50 परीक्षार्थियों के बीच एक पर्यवेक्षक होना चाहिए था। {परीक्षा के पूर्व परीक्षार्थियों के लिए ऑनलाइन मॉक टेस्ट की व्यवस्था होनी चाहिए।

कार्रवाई क्या होगी यह डायरेक्टर ही बता पाएंगे

- पीईबी परीक्षाओं में पेनाल्टी का प्रावधान है, लेकिन टीसीएस के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी? पेनाल्टी के बारे में डायरेक्टर और एग्जाम कंट्रोलर ही सही स्थिति बता सकेंगे।
आलोक वर्मा, पीआरओ, पीईबी