Hindi News »Madhya Pradesh »Bhopal »News» TCS Will Pay A Penalty Of Rs 7 Crore - Money Is Not Working

प्रोजेक्ट लेट हुआ तो 7 करोड़ की पेनल्टी टीसीएस ने कहा- पैसा नहीं तो काम नहीं

वेतन और पेंशन के भुगतान समेत तमाम व्यवस्थाओं के कम्प्यूटराइजेशन का काम कर रही टीसीएस मप्र में कार्य बंद कर सकती है।

अनिल गुप्ता | Last Modified - Dec 20, 2017, 06:36 AM IST

  • प्रोजेक्ट लेट हुआ तो 7 करोड़ की पेनल्टी टीसीएस ने कहा- पैसा नहीं तो काम नहीं

    भोपाल.8 लाख से अधिक पूर्व व वर्तमान कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के भुगतान समेत तमाम व्यवस्थाओं के कम्प्यूटराइजेशन का काम कर रही टीसीएस मप्र में कार्य बंद कर सकती है। वजह यह है कि राज्य सरकार ने टीसीएस पर 7 करोड़ रु. की पेनल्टी यह कहकर लगा दी कि वह समय से काम पूरा नहीं कर पाई। उसके भुगतान भी रोक दिए। सरकार के इस रुख के बाद टीसीएस ने कहा है कि कम्प्यूटराइजेशन के काम में अब तक उसे 70 करोड़ रु. से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। यदि सरकार वित्तीय मदद नहीं करती तो वह आगे काम नहीं कर पाएगी। आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनी टीसीएस वही है, जो इस समय व्यापमं से हो रही पटवारी की परीक्षाओं को ऑनलाइन करवाकर सुर्खियों में आई है।


    - इस परीक्षा में पहले ही दिन कई छात्र परीक्षा नहीं दे पाए थे। बहरहाल टीसीएस के इस अल्टीमेटम के बाद वित्त विभाग हरकत में आ गया है। चूंकि टीसीएस सिस्टम के कंप्यूटराइजेशन (आईएफएमआईएस या एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली) का काफी काम कर चुकी है।

    - कुल 31 करोड़ रुपए का भुगतान भी टीसीएस को किया जा चुका है, इसलिए वित्त विभाग इस कोशिश में है कि टीसीएस को ही वित्तीय मदद देकर उससे काम करा लिया जाए। विभाग ने अपनी अनुशंसा के साथ कैबिनेट के लिए प्रेसी भेज दी है। अब यह फैसला कैबिनेट को लेना है। गौरतलब है कि कंप्यूटराइजेशन पर कुल 150 करोड़ रुपए का व्यय होना है।

    - 16 में से 5 मॉड्यूल पूरी तरह से काम कर रहे हैं। तीन आंशिक रूप से आपरेशनल है। बाकी का काम दिसंबर 18 तक पूरा होने की संभावना है। डिजास्टर रिकवरी सेंटर मार्च 2017 से शुरू हो चुका है।

    - इतने समय तक हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन समेत मैन पावर का काम और बढ़ गया। काम करते-करते काफी पैसा खर्च हो चुका है जो बजट से 70 करोड़ ज्यादा है। सूत्रों के मुताबिक टीसीएस इसे ही नुकसान बता रही है

    काम रुका तो... 8 लाख कर्मचारियों का वेतन भुगतान, पेंशन का वितरण, डीबीटी और ऑनलाइन व्यवस्था गड़बड़ा जाएगी

    - ट्रेजरी के 2003 से चल रहे कम्प्यूटराइजेशन के काम पर प्रभाव पड़ेगा। केंद्र सरकार का साफ्टवेयर लोक वित्त प्रबंधन सिस्टम व राज्य लोक वित्त प्रबंधन, जीएसटी के साथ बजट के काम बंद हो जाएंगे। वेतन, पेंशन के भुगतान के साथ डीडीओ के काम मैनुअल करना पड़ा तो दिक्कत होगी। ई-भुगतान, डीबीटी और ऑनलाइन प्राप्तियां रुक जाएंगी।

    टीसीएस का दबाव
    हर व्यक्ति को 1.50 लाख का भुगतान करे सरकार
    वित्तीय मदद देने के साथ प्रोजेक्ट की राशि का भुगतान करें। जैसे-जैसे काम होता जाए, राशि दी जाए।
    - नए काम का भी पैसा मिले। मूल काम करने वालों को विभाग पैसा दे। बाद में सिस्टम को चलाने के लिए टीसीएस के जितने भी रिसोर्स पर्सन लगें, उन्हें प्रति व्यक्ति के हिसाब से 1.50 लाख रुपए दिए जाएं।

    सरकार की मजबूरी
    31 करोड़ बेकार हो जाएंगे, नए टेंडर में भी वक्त लगेगा
    - टीसीएस काम बंद करती है तो 31 करोड़ बेकार हो जाएंगे। सितंबर 2015 से डाटा सेंटर और एक तिहाई अन्य सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल हो रहा है। टीसीएस को चरणबद्ध व सॉफ्टवेयर के हिसाब से मानकर काम करने दिया जाए। जीएसटी, 7वें वेतन आयोग जैसे कई कार्य नई आवश्यकताओं को देखते हुए टीसीएस से कराए गए हैं। इसी वजह से देरी हुई।

    अनुबंध की शर्त : 2015 में पूरा होना था काम, दो साल लेट हो गया

    - जुलाई 2010 में टीसीएस से अनुबंध हुआ। इसके अनुसार हार्डवेयर की डिलेवरी और उसे इंस्टाल करने पर हुई खर्च की राशि में से 80% का भुगतान तुरंत होगा। सॉफ्टवेयर बनाने और चालू होने पर 15% राशि का भुगतान टीसीएस को होगा।

    - उसे डाटा सेंटर, डिजास्टर रिकवरी सेंटर के लिए हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर न केवल इंस्टाल करना था, बल्कि उसे संचालित करने के लिए ट्रेनिंग के साथ संधारित भी करना था। टीसीएस को तीन सब सिस्टम मानव संसाधन, वित्तीय प्रबंधन व पेंशन के साथ 16 मॉड्यूल बनाने थे। इसमें वित्त विभाग की सभी गतिविधियां हो जातीं। यह काम 2015 तक होना था। बाद में इसकी मियाद बढ़ाई गई।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Bhopal News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: TCS Will Pay A Penalty Of Rs 7 Crore - Money Is Not Working
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×