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दर्द से तड़प रहे थे घायल, मंत्री ने नहीं रोकी गाड़ी डॉक्टर ने सड़क पर किया इलाज

विदिशा के बेलई गांव के पास एक भीषण हादसा हो गया। हादसे में कार और बाइक के बीच भिड़त हो गई।

Dainik Bhaskar

Jan 15, 2018, 11:12 PM IST
हादसे में कार और बाइक के बीच भिड़त हो गई। इस हादसे में बाइक सवार तीनों लोग घायल हो गए। हादसे में कार और बाइक के बीच भिड़त हो गई। इस हादसे में बाइक सवार तीनों लोग घायल हो गए।

(अशोकनगर) भोपाल. विदिशा के बेलई गांव के पास एक भीषण हादसा हो गया। हादसे में कार और बाइक के बीच भिड़त हो गई। इस हादसे में बाइक सवार तीनों लोग घायल हो गए। घायलों को देखकर निकल रहे लोगों ने भी मदद के लिए कोशिश की। लेकिन वहीं से अनुसूचित जाति राज्य वित्त निगम के उपाध्यक्ष भुजबल सिंह की गाड़ी सायरन बजाती हुई निकली लेकिन मदद के लिए नहीं रुके। वहीं से एलटीटी कैंप से लौट रहे एक डॉक्टर ने घायलों का सड़क पर ही इलाज शुरू कर दिया। बच्चे को बचाने की कोशिश, लेकिन हुई मौत...

- एलटीटी शिविर से लौट रहे जिला हॉस्पिटल के सर्जन डाॅ. डीके भार्गव ने हादसे में घायल 1 बच्चे को बचाने के लिए पंपिंग की और अपनी गाड़ी को पास के हेल्थ सेंटर पर दवाएं लेने भेज दिया।

- इससे पहले की गाड़ी दवाएं लेकर वापस आती जब तक बच्चे की मौत हो गई थी। 27 साल के दशरथ अहिरवार और 25 साल के कुंदन प्रजापति को सीरियस कंडिशन में हॉस्पिटल में एडमिट कराया। मृतक बच्चे की अब तक पहचान नहीं हो सकी है।

कार के ऊपर से 20 फीट दूर जाकर गिरी बाइक
- मौके पर जा रहे लोगों के मुताबिक, घटना के बाद बाइक कार के ऊपर से करीब 20 फीट दूर जाकर गिरी।

- उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद कार में सवार दो लोग भाग निकले। जिस कार ने बाइक को टक्कर मारी उसका नंबर एमपी 04 सीएस 3254 है जो भोपाल की है।

सड़क पर ही शुरू कर दिया इलाज
- मौके पर पहुंचे डॉक्टर भार्गव सहित उनके स्टॉफ नर्स ने अथाईखेड़ा से दवाएं और बोतल आते ही सड़क पर इलाज शुरू कर दिया।

- इस दौरान घायलों को इंजेक्शन और बोतल लगाकर 108 से रवाना कर खुद भी हॉस्पिटल पहुंचे।

- वहीं मौके पर अधिक गंभीर बालक को करीब 5 मिनट तक सीने के ऊपर पंप भी किया लेकिन बालक को नहीं बचा सके।

उपाध्यक्ष बोले- हाथ में डंडे और लाठी लेकर खड़े थे लोग, इसलिए नहीं रोका वाहन

- जब राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त सिंह से वाहन नहीं रोकने का कारण पूछने के लिए भास्कर ने फोन लगाया तो उन्होंने कहा कि वे रुकना चाहते थे लेकिन मौके पर लाठी और हाथों में पत्थर लेकर लोग खड़े थे।

- कहीं आक्रोशित लोगों का रोष उन पर न हो इसलिए उन्होंने वाहन आगे निकलते ही तुरंत एसपी तिलक सिंह को फोन लगाकर वहां हेल्प भेजने के लिए निर्देशित किया। सिंह ने बताया कि ऐसे समय में लोगों का आक्रोश प्रशासन के खिलाफ रहता है इसलिए उन्होंने वहां रुकना उचित नहीं समझा।


लोग बोले-झूठ बोल रहे हैं उपाध्यक्ष
दुर्घटना के समय मौके से अपने बेटे को बीना छोड़ने जा रहे मुकेश कुमार ने भास्कर को फोन पर बताया कि वहां ऐसी कोई कंडिशन नहीं थी। जो लोग खड़े थे वे आक्रोशित न होते हुए लोगों की मदद कर रहे थे। वे रुकना ही नहीं चाहते थे।

घायलों का इलाज करते डॉक्टर। घायलों का इलाज करते डॉक्टर।
सर्जन डाॅ. डीके भार्गव ने हादसे में घायल 1 बच्चे को बचाने के लिए पंपिंग की और अपनी गाड़ी को पास के हेल्थ सेंटर पर दवाएं लेने भेज दिया। सर्जन डाॅ. डीके भार्गव ने हादसे में घायल 1 बच्चे को बचाने के लिए पंपिंग की और अपनी गाड़ी को पास के हेल्थ सेंटर पर दवाएं लेने भेज दिया।
एक्सीडेंट के बाद ऐसी हो गई थी गाड़ी। एक्सीडेंट के बाद ऐसी हो गई थी गाड़ी।
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हादसे में कार और बाइक के बीच भिड़त हो गई। इस हादसे में बाइक सवार तीनों लोग घायल हो गए।हादसे में कार और बाइक के बीच भिड़त हो गई। इस हादसे में बाइक सवार तीनों लोग घायल हो गए।
घायलों का इलाज करते डॉक्टर।घायलों का इलाज करते डॉक्टर।
सर्जन डाॅ. डीके भार्गव ने हादसे में घायल 1 बच्चे को बचाने के लिए पंपिंग की और अपनी गाड़ी को पास के हेल्थ सेंटर पर दवाएं लेने भेज दिया।सर्जन डाॅ. डीके भार्गव ने हादसे में घायल 1 बच्चे को बचाने के लिए पंपिंग की और अपनी गाड़ी को पास के हेल्थ सेंटर पर दवाएं लेने भेज दिया।
एक्सीडेंट के बाद ऐसी हो गई थी गाड़ी।एक्सीडेंट के बाद ऐसी हो गई थी गाड़ी।
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