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कर्ज से परेशान ये बीजेपी लीडर, सुसाइड नोट में मरने से पहले लिखी ये वजह

पुलिस ने मौका पंचनामा बनाकर शव पीएम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। चौधरी भाजपा के नगर मंडल अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

Danik Bhaskar | Dec 28, 2017, 07:03 AM IST

हरदा (भोपाल) . अग्रवाल समाज के जिलाध्यक्ष और अग्रवाल महासभा के प्रदेश महामंत्री तथा भाजपा जिला मंत्री ओम प्रकाश अग्रवाल (चौधरी) पिता मधुसूदन अग्रवाल (54) ने बुधवार दोपहर को इंदौर रोड स्थित सेठ हरिशंकर अग्रवाल धर्मशाला की पहली मंजिल पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कर्ज से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या की। 8 पेज के सुसाइड नोट में उन्होंने मंदी की वजह से मकान नहीं बिकने और कर्ज नहीं चुकाने को आत्महत्या की वजह बताया। चौधरी की आत्महत्या की सूचना मिलते ही समाज के लोग, भाजपा पदाधिकारी सहित शहर के गणमान्य नागरिक पहुंच गए। फॉरेंसिक एक्सपर्ट डाॅ. अजिता जौहरी ने मौका मुआयना किया। पुलिस ने मौका पंचनामा बनाकर शव पीएम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। चौधरी भाजपा के नगर मंडल अध्यक्ष भी रह चुके हैं।


- टीआई पंकज त्यागी ने बताया शहर के बाजार वार्ड मे रहने वाले अग्रवाल समाज के जिलाध्यक्ष ओम चौधरी आगामी दिनों में होने वाले परिचय सम्मेलन की तैयारियों को लेकर धर्मशाला पहुंचे थे। धर्मशाला के प्रथम तल पर दोपहर करीब 1 बजे कमरों में तीन-तीन, चार-चार कुर्सियां भी लगवाईं और बिछात कराई।

- धर्मशाला के मैनेजर व चौकीदार से पदाधिकारियों को ऊपर भेजने को कहा। इसके बाद कमरे का दरवाजा बंद कर अंदर चले गए। उन्होंने बंद कमरे में पंखे से फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। टीआई त्यागी ने कहा माैका पंचनामा बनाकर आगे की कार्रवाई की जा रही। शव का पीएम गुरुवार को सुबह कराया जाएगा।

चार कुर्सी पर तीन तकिए रखे और पंखे से लगा ली फांसी
- भाजपा के पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष ओम चौधरी इंदौर रोड के सेठ हरिशंकर मांगलिक भवन के प्रथम तल के कमरे में सोने का कहकर गए अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद उन्होंने चार कुर्सियों पर तीन तकिए रखे और पंखे से रस्सी का फंदा बांधकर आत्महत्या कर ली।

- शाम करीब छह बजे मैनेजर व चौकीदार ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कमरे से कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद दरवाजे को जोर से धक्का देकर खोला तो उनका शव पंखे पर झूलता मिला।

जैसा धर्मशाला के मैनेजर गुलाब ने भास्कर को बताया
- दोपहर करीब 12 बजे समाज के अध्यक्ष ओम चौधरी आए। उन्होंने समाज के लोगों की बैठक का कहा। इसके बाद उनके कहने पर तीन कमरों में 4 - 4 कुर्सियां रखीं। दो कमरों में बिछात भी की। टेबल पर पानी की केन व डिस्पोजल गिलास रखे। इसके बाद कहा वे कमरे में सो रहे हैं, कोई आए तो उठा देना।

- बैठक के लिए कोई नहीं पहुंचा, लेकिन करीब छह बजे तक वे नहीं उठे तो चौकीदार और मैंने दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो दरवाजा को जोर से धक्का दिया। इससे दरवाजा खुल गया। अंदर अध्यक्ष चौधरी का शव पंखे पर झूल रहा था। इसकी सूचना समाज के पदाधिकारियों को दी।

मंदी की वजह से मकान नहीं बिका, नहीं चुका पाए कर्ज
- चौधरी ने 8 पेज के सुसाइड नोट में कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात कही है। उन्होंने लिखा मंदी की वजह से मकान नहीं बिक पाया। इससे वे समय पर कर्ज नहीं चुका सके। उन्होंने कर्जदारों से धीरज रखने का आग्रह करते हुए सबका कर्ज चुकाने की बात कही। सुसाइड नोट में उन्होंने कर्जा लेने वालों के नाम और राशि भी लिखी है।