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बीमारी से परेशान लड़की ने लगाई फांसी,सुसाइड नोट में लिखा: मम्मी-पापा माफ कर देना

शाहपुरा इलाके में बीमारी से तंग आकर एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 31, 2017, 05:05 AM IST

  • बीमारी से परेशान लड़की ने लगाई फांसी,सुसाइड नोट में लिखा: मम्मी-पापा माफ कर देना

    भोपाल.शाहपुरा इलाके में बीमारी से तंग आकर एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में युवती ने मम्मी पापा से माफी माफी मांगते हुए उनके लिए कुछ न कर पाने पर अफसोस जताया है। मकान नंबर 24 बंगाली कॉलोनी शाहपुरा निवासी बलराम घोष इलेक्ट्रीशियन है। ऐसी दरयाब सिंह के अनुसार उनकी तीन बेटियों में से दूसरे नंबर की 22 वर्षीय बेटी बबिता घोष प्राइवेट जॉब करती थी। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे बबिता ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    - सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने लिखा है ‘मैं अपनी बीमारी से तंग आ चुकी हूं। मम्मी पापा मुझे माफ कर देना। मैं आपके लिए कुछ नहीं कर पाई।

    - मैं आपके लिए बहुत कुछ करना चाहती थी। मेरी बीमारी बहुत बढ़ चुकीं हैं, जिससे अब मैं आप पर और बोझ नहीं बनना चाहती। मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। मैं अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रही हूं।’

    - बलराम ने पुलिस को बताया कि बबिता का सिर और कमर का ऑपरेशन हो चुका था। इसके अलावा भी उसे कुछ और बीमारियां थी, जिससे वह मानसिक तनाव में थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।

    पिता को बाहर भेजकर बेरोजगारी से परेशान दिव्यांग ने लगाई फांसी

    - खजूरी इलाके में एक बेरोजगार दिव्यांग ने फांसी लगा ली। उसने सुसाइड नोट में बस इतना लिखा है कि मेरी मौत के बाद किसी को परेशान न किया जाए। आर्दश नगर कॉलोनी बैरागढ़कलां निवासी 23 वर्षीय पप्पू जाटव पिता रमेश जाटव बेरोजगार थे।

    - एसआई उमाशंकर मिश्रा के अनुसार उसे एक आंख से कम दिखाई देता था, जबकि एक आंख नहीं थी। शुक्रवार शाम उसने पिता से बोला कि आप बाहर जाएं। मैं गाना सुनना चाहता हूं। पिता घर के बाहर आग तापने बैठ गए। कुछ देर बाद मां काम से घर लौटी तो पप्पू फंदे पर मिला।

    - पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा- मैं अपनी जिंदगी से परेशान हो चुका हूं। इसलिए फांसी लगा रहा हूं। मेरी मौत के बाद किसी को भी परेशान न किया जाए, क्योंकि यह कदम मैं अपनी मर्जी से उठा रहा हूं।

    - पुलिस को दिए बयान में 70 वर्षीय रमेश जाटव ने बताया कि चार बेटों में पप्पू सबसे छोटा था। एक्सीडेंट और उम्र के कारण वे काम नहीं कर सकते। उनकी पत्नी ही काम करके घर का खर्च चलाती है।

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