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GST के नए रूल्स में उलझे होटल-रेस्त्रां डायरेक्टर, जिन्हें पता वे अकाउंटिंग में फंसे

होटल्स और रेस्त्रां पर जीएसटी की दरों में हुई कटौती से अजीबोगरीब स्थिति बन रही है।

गुरुदत्त तिवारी | Last Modified - Dec 18, 2017, 06:34 AM IST

  • GST के नए रूल्स में उलझे होटल-रेस्त्रां डायरेक्टर, जिन्हें पता वे अकाउंटिंग में फंसे

    भोपाल.होटल्स और रेस्त्रां पर जीएसटी की दरों में हुई कटौती से अजीबोगरीब स्थिति बन रही है। एक ही होटल में बैठकर खाना परोसने पर 6 फीसदी टैक्स लग रहा है, तो उसी होटल में बूफे पार्टी का आयोजन करने पर टैक्स की दर 18 फीसदी है। राजधानी के ज्यादातर होटल संचालकों को इसकी जानकारी ही नहीं है, लेकिन जिन्हें यह पता चला उनके लिए अकाउंटिंग खासी परेशानी का विषय बन रही है। उनके लिए यह हिसाब रखना खासा मुश्किल हो रहा है कि वे कहां किस दर से टैक्स लें। अगर वे किसी मीटिंग के लिए खाना पार्सल करते हैं तो उस पर टैक्स की दर 6 फीसदी है, लेकिन होटल संचालक उस मीटिंग के लिए बूफे में खाना सर्व करते हैं तो उन्हें 18 फीसदी टैक्स लेना है।

    - साथ ही सारे होटल संचालक इस कटौती से खुश नहीं है, क्योंकि उन्हें अब तक हाेटल के किराए के रूप में चुकाई जाने वाली राशि पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) मिल रहा था, लेकिन मौजूदा कटौती के बाद छह फीसदी टैक्स के साथ उनकी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की सुविधा खत्म कर दी गई है।

    - जीएसटी के मौजूदा नियमों से ज्यादातर बड़े रेस्त्रां संचालकों को फायदा हो रहा है। सभी एसी रूम वाले रेस्त्रां पर 6 फीसदी ही टैक्स लगेगा, लेकिन बिना एसी वाले छोटे रेस्त्रां पर भी टैक्स की दर इतनी ही होगी। कंपोजिशन स्कीम का फायदा लेने वालों को खाने पीने की वस्तुओं पर 5% टैक्स लगेगा।

    नहीं होगा आसान
    - होटल-रेस्त्रां में बैठकर खाना खाने वालों को अब 18 की जगह 6 फीसदी टैक्स देना होगा, लेकिन यही होटल कोई बूफे पार्टी में खाना सर्व करते हैं तो 18 फीसदी ही टैक्स लगेगा। हो सकता है कि इससे बचने के लिए ज्यादातर होटल संचालक बूफे को बैठकर खाना परोसना दिखाने लगें, लेकिन यह इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि एक साथ 400 और 500 लोगों बिठाकर खाना सर्व करना आसान नहीं ही होगा।

    मिठाई पर 1% टैक्स, लेकिन रेस्त्रां में बेची तो देना होगा 5% जीएसटी
    - मिठाई पर जीएसटी 1% है। अगर यह मिष्ठान भंडार में बिके तो, लेकिन किसी रेस्त्रां में बेची जा रही है तो इस पर लगने वाला टैक्स 5% हो जाएगा, क्योंकि वहां इसके साथ दूसरी खाद्या वस्तुएं भी बेची जा रही हैं।

    - मौजूदा नियमों से गफलत की स्थिति बन रही है। ज्यादातर रेस्त्रां संचालक मान चुके हैं कि अब सभी जगह 6% टैक्स लग रहा है, लेकिन यह सच नहीं है। उनके द्वारा इनडोर और आउटडोर की जाने वाली केटरिंग पर पहले की ही तरह 18% टैक्स है।
    मुकुल शर्मा, जीएसटी विशेषज्ञ

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