भोपाल

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हर बार महिलाओं के कपड़ों को ही क्यों मुद्दा बनाया जाता है : अरुणिमा

दिव्यांग अरुणिमा सिन्हा को महाकाल के गर्भगृह में प्रवेश नहीं देने के मामले में जिला प्रशासन ने मंगलवार को जांच रिपोर्ट ज

Danik Bhaskar

Dec 27, 2017, 06:08 AM IST

उज्जैन/भोपाल. एवरेस्ट फतह करने वाली देश की पहली दिव्यांग अरुणिमा सिन्हा को महाकाल के गर्भगृह में प्रवेश नहीं देने के मामले में जिला प्रशासन ने मंगलवार को जांच रिपोर्ट जारी की। कहा गया कि निर्धारित वेशभूषा में नहीं होने के कारण अरुणिमा दर्शन नहीं कर पाईं। इधर, अरुणिमा ने कहा- हर बार महिला के कपड़े को मुद्दा क्यों बनाया जाता है? रविवार तड़के 4:30 बजे जब महाकाल मंदिर पहुंची तो एक लड़के को जींस पहनकर मंदिर के गर्भगृह से बाहर आते देखा था। वेशभूषा न होने से अरुणिमा नहीं कर पाईं गर्भगृह में दर्शन...

- एवरेस्ट फतह करने वाली देश की पहली दिव्यांग अरुणिमा सिन्हा को महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश नहीं देने के मामले में जिला प्रशासन ने मंगलवार को जांच रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में कहा गया कि निर्धारित वेशभूषा में नहीं होने से अरुणिमा गर्भगृह में दर्शन के लिए नहीं पहुंच पाईं।

- उधर, अरुणिमा ने कहा- ‘हर बार महिला के कपड़े को मुद्दा क्यों बनाया जाता है? रविवार तड़के 4.30 बजे भस्मारती के दौरान जब मैं महाकाल मंदिर पहुंची तो एक लड़के को जींस पहनकर मंदिर के गर्भगृह से बाहर आते देखा था।

- मेरा एक पैर नहीं होने से साड़ी पहनने में कठिनाई होती और चलने में मुझे सहयोग की जरूरत पड़ती है। इस दौरान मैं टीशर्ट और लोअर पहने थीं। मंदिर कर्मचारियों से मैंने गर्भगृह में जाने के लिए आग्रह किया। इसके बावजूद उन्होंने मुझे गर्भगृह में नहीं जाने दिया।
- महाकाल मंदिर की परंपरा के अनुसार गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद होने के दौरान, यदि किसी को अनुमति दी जाती है तो पुरुषों को सोला (धोती) और महिलाओं को साड़ी पहनना अनिवार्य है। उधर, मध्यप्रदेश के गृहमंत्री और उज्जैन के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह ने अरुणिमा के साथ महाकाल मंदिर में हुई परेशानी पर अफसोस जताया।

- उज्जैन संभागायुक्त एमबी ओझा ने कहा, ‘मंदिर के गर्भगृह में साड़ी पहनकर जाने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। कलेक्टर से प्राप्त जांच रिपोर्ट में यही साफ हुई है।’

- कांग्रेस नेता कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा- ‘इस घटना से शिवराज सरकार की बेटियों और दिव्यांग के नाम पर चल रही तमाम योजनाओं की जमीनी हकीकत सामने आ गई है।’ ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट किया- ‘यह घटना एक बार फिर इस सरकार की असंवेदनशीलता उजागर करती है।’

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