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बिना परमिट-फिटनेस पकड़ा, तो ड्राइवर बच्चों को गाड़ी में ही छोड़ भागा

स्कूल में बच्चों को लेने व छोड़ने के काम में लगी क्रूजर का ड्राइवर चैकिंग के दाैरान भाग खड़ा हुआ।

Danik Bhaskar | Jan 30, 2018, 05:16 AM IST

भोपाल. बिना परमिट, फिटनेस और इंश्योरेंस के स्कूल में बच्चों को लेने व छोड़ने के काम में लगी क्रूजर का ड्राइवर चैकिंग के दाैरान भाग खड़ा हुआ। जिस वक्त ड्राइवर भागा उस वक्त उस गाड़ी में 12 बच्चे मौजूद थे। वहीं, जिस गाड़ी का ड्राइवर बच्चों को छोड़कर भागा, उसको वैन सेवा समिति के अध्यक्ष ने अपने से संबंधित न कहते हुए मामले से पल्ला झाड़ लिया है। सोमवार को आरटीओ के उड़नदस्ते ने स्कूलों के नजदीक पहुंचकर वैन, मैजिक आदि को चैक करना शुरू किया। दोपहर डेढ़ बजे टीम जैसे ही भेल स्थित कार्मल काॅन्वेंट स्कूल के पास पहुंची। बच्चों को ले जा रही एक क्रूजर का ड्राइवर राहुल यादव भाग खड़ा हुआ। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन स्कूल बस के रूप में है। इसके अलावा आज की तारीख में न तो गाड़ी का परमिट, फिटनेस से लेकर इंश्योरेंस तक वैध नहीं हैं।

स्कूल की गाड़ी है...
- यह क्रूजर (एमपी04 पीए 2854) अवधपुरी स्थित चित्रांश पब्लिक को-एड स्कूल की है। यानी एक स्कूल की लीज पर स्कूल वाहन के रूप में रजिस्टर्ड करवाकर इस गाड़ी को दूसरे स्कूलों में लगाकर रखा गया है।

अभिभावकों को आना पड़ा
- जब ड्राइवर गाड़ी में बच्चों को छोड़कर भागा, उसके बाद स्कूल प्रबंधन ने उसमें सफर करने वाले बच्चों के अभिभावकों को फोन कर बुलाया। इसके बाद बच्चों को उन्होंने अभिभावकों के सुपुर्द किया।

- आठ पर कार्रवाई जांच दल ने कुल 30 गाड़ियों को चैक किया। उनमें से 8 को जब्त कर आरटीओ परिसर में खड़ा करवा दिया है। अब इन पर जुर्माने की कार्रवाई होगी।

विरोध ऐसा कि.....चैकिंग होते ही हड़ताल

- इस मामले में जब वैन सेवा समिति के अध्यक्ष शिवकुमार सोनी से बातचीत की गई, तो उन्होंने संबंधित गाड़ी को अपनी एसोसिएशन से संबद्ध नहीं होने की जानकारी दी। साथ ही कहा कि वे जानकारी लेकर संबंधित वाहन मालिक को समझाइश देंगे। हालांकि इस मामले में अहम बात यह भी है कि वैन समिति को जब भी लगता है कि चैकिंग की कार्रवाई तेज हो गई है, वह हड़ताल पर चले जाते हैं।