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मिथ तोड़ हॉकी में किया नाम रोशन, उनके गेम को देख PM नेहरू ने की थी तारीफ

एमपी की राजधानी भोपाल में रहने वाली 83 साल की जुबैदा खातून की अलग ही सक्सेस स्टोरी है।

Danik Bhaskar | Mar 07, 2018, 11:30 PM IST

भोपाल. एमपी की राजधानी भोपाल में रहने वाली 83 साल की जुबैदा खातून की अलग ही सक्सेस स्टोरी है। उन्होंने कई मिथ तोड़ते हुए हॉकी के गेम में परचम लहराया। 11 दिसंबर 1935 को भोपाल में ही जन्म लिया और यहीं एजुकेशन पूरी कर हॉकी भी खेली। उन्होंने घर में लगने वाली, हर पाबंदी को तोड़ते हुए अपने सपनों को पूरा किया। उनके इस जुनून को देख उस समय के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने सम्मानित भी किया था।

- शहर के फतेहगढ़ में रहने वाली 83 साल की जुबैदा खातून ने मिथ तोड़ते हुए हॉकी में परचम लहराया।

- 11 दिसंबर 1935 को भोपाल में जन्मी जुबैदा खातून के लिए एजुकेशन लेना और हॉकी खेलना आसान नहीं था।

- चाैथी क्लास तक एजुकेशन हासिल करने के बाद पिता अब्दुल वहीद खान ने उनके घर से निकलने और खेलकूद पर पाबंदी लगाने की कोशिश की।

- हालांकि मां खातून बी और नानी ने पिता को समझाया। 1945 में उन्होंने स्कूल में 10 साल की उम्र में लाॅन्ग जम्प, हाई जम्प और रिले दौड़ में भाग लिया।

- वे इन खेलों में कई बार पहले स्थान पर रहीं। धीरे-धीरे स्कूल की तरफ से हॉकी खेलना शुरू किया।

- रोजाना भोपाल की टीम के साथ घंटों बाबे आली मैदान में प्रैक्टिस की। इसी दौरान भोपाल की तरफ से कलकत्ता में नेशनल चैंपियनशिप खेलने का मौका मिला, जहां टीम को पहला स्थान मिला।

- उस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने पर सम्मानित किया था।