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न संसाधन, न ट्रेनिंग; फायरमैन के नाम पर निगम में काम कर रहे 25 दिवसीय मजदूर

संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में लगी आग ने नगर निगम के फायर अमले के इंतजामों की पोल खोलकर रख दी।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 19, 2017, 05:55 AM IST

  • न संसाधन, न ट्रेनिंग; फायरमैन के नाम पर निगम में काम कर रहे 25 दिवसीय मजदूर
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    भोपाल .संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में लगी आग ने नगर निगम के फायर अमले के इंतजामों की पोल खोलकर रख दी। स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों ने आक्रोश जताया कि न तो वक्त पर फायर ब्रिगेड पहुंची और न ही अमला ठीक से इसे नियंत्रित कर पाया। सोमवार को भास्कर ने पड़ताल की तो सामने आया कि नगर निगम आग बुझाने के लिए कंडम गाड़ियों और अनट्रेंड स्टाफ के भरोसे है। यही वजह रही कि अन्य शहरों से फायर ब्रिगेड बुलाने के साथ सेना की भी मदद लेनाी पड़ी। कागजों पर नगर निगम में 225 फायरमैन हैं। लेकिन इनमें से 125 तो 25 दिवसीय कर्मचारी यानि अस्थायी श्रमिक हैं। 65 फायरमैन नियमित हैं, लेकिन वे सभी अगले दो से चार साल में रिटायरमेंट की कगार पर हैं। शेष दैनिक वेतनभोगी के रूप में हैं।

    सिर्फ सर्टिफिकेट... और नौकरी मिल गई
    - तय मानकों के अनुसार हर पचास हजार की आबादी पर कम से कम एक फायर ब्रिगेड होना चाहिए। 20 लाख की आबादी के हिसाब से भोपाल में 40 फायर ब्रिगेड की जरूरत है। शिवाजी नगर स्थित आॅल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट से फायरमैन के लिए छह महीने का एक सर्टिफिकेट कोर्स होता है।

    - इस सर्टिफिकेट के आधार पर बिना कोई टेस्ट लिए 25 दिवसीय फायरमैन रख लिए गए। इसके बाद भी इनके नियमित प्रशिक्षण की कोई व्यवस्था नहीं की गई। फायर ऑफिसर रामेश्वर नील का कहना है कि जल्द ही सात नई फायर ब्रिगेड आ रहीं हैं। मौजूदा अमले को लगातार हर महीने ट्रेनिंग का हम इंतजाम कर रहे हैं।

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    . साधारण कपड़ों और जूतों में पहुंच जाते हैं
    ये फायरमैन साधारण कपड़े और सामान्य जूते- चप्पल पहन कर ही आग बुझाने पहुंच जाते हैं। फायर अमले के पास इस काम में उपयोग होने वाले उपकरण हैं, लेकिन उनका उपयोग होते नहीं देखा गया।

    अतिक्रमण दस्ते को भी लगा देते हैं काम पर
    - बड़ी आग लगने पर अतिक्रमण दस्ते के 25 दिवसीय श्रमिकों को भी यहां लगा दिया जाता है। दीवारें तोड़ने और शटर काटने जैसे काम यही करते हैं। जबकि इस काम में विशेष सावधानी रखना होती है।

    केवल मॉक ड्रिल के लिए निकलते हैं उपकरण
    - फायर सेफ्टी डे जैसे मौकों पर केवल मॉक ड्रिल के समय यह उपकरण बाहर निकलते हैं। सब फायर ऑफिसर स्तर के अधिकारी इनका उपयोग करके दिखाते हैं और उसके बाद इन्हें फिर बक्से में रख दिया जाता है।

    पुलिस की टीम करेगी अन्य इमारतों की जांच
    - पुलिस अब शहर के दूसरे बाजारों और बड़ी बिल्डिंगों में सुरक्षा के इंतजाम का भी जायजा लेगी। रविवार को आग बुझाने और बचाव कार्य में पुलिस ने अहम भूमिका निभाई थी। आग के कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल की जांच रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है।

    -संतोष कुमार सिंह, डीआईजी

    दुकानें बंद रखीं

    - सरकार से मदद की मांग को लेकर व्यापारियों ने सोमवार को दुकानें बंद रखीं। व्यापारियों का कहना है सरकार को खुलकर मदद करनी चाहिए।

    एक करोड़ की मांग -

    - व्यापारियों को मुआवजे की मांग को लेकर आप कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सरकार से एक-एक करोड़ प्रत्येक व्यापारियों को मुआवजा देने की मांग की।

    सरकार मदद करे, निगम सबक ले

    जो होना था हो गया, अब सरकार को मदद करनी चाहिए। ताकि व्यापारी फिर से खड़ा हो सके।

    - प्रेमचंद्र जैन, कपड़ा व्यापारी

    इस आग से फायर अमले की लापरवाही व संसाधनों की कमी उजागर हो गई है। निगम को सबक लेना चाहिए।

    - किशोर नारवानी, व्यापारी

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