--Advertisement--

डेढ़ लाख की रिश्वत के लिए सड़क पर भिड़े जेडओ और वार्ड प्रभारी, ये है मामला

नगर निगम में फाइल आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत मांगना आैर नहीं मिलने पर फाइल को अटकाकर रखना नई बात नहीं है।

Dainik Bhaskar

Feb 03, 2018, 05:42 AM IST
Zo and ward in-charge in front of road for bribe

भोपाल. नगर निगम में फाइल आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत मांगना आैर नहीं मिलने पर फाइल को अटकाकर रखना नई बात नहीं है। लेकिन, डेढ़ लाख की रिश्वत नहीं मिलने से बौखलाए जोन-4 के जोनल अधिकारी (जेडओ) राजेन्द्र अहिरवार वार्ड 16 के प्रभारी हाशिम से ही भिड़ गए। यह झड़प किसी बंद केबिन में नहीं बल्कि सड़क किनारे हुई। आधा घंटे से भी अधिक समय तक चले इस घटनाक्रम को राह चलते लोगाें ने देखा। इस संबंध में महापौर आलोक शर्मा का कहना है कि शासकीय सेवकों का इस तरह का आचरण निंदनीय है। जांच के बाद कार्रवाई करने को कहा है। इस झड़प को दैनिक भास्कर ने अपने कैमरे में कैद किया। पेश है लाइव रिपोर्ट...

छह महीने से अटका रखा है दो दुकानों के नामांतरण का केस
- विजय नगर लालघाटी निवासी ब्रजेश साहू ने मैकेनिक मार्केट हमीदिया रोड पर दो दुकानें खरीदी हैं। इन दुकानों का नामांतरण कराने के लिए साहू की फाइल नगर निगम पहुंची थी। जिस पर जोनल अधिकारी ने विधिक सलाह मांगी थी।

- वार्ड 16 के प्रभारी हाशिम ने यह रिपोर्ट लगवाकर फाइल जोनल अधिकारी राजेन्द्र अहिरवार के पास भेज दी। बावजूद इसके हफ्तेभर से उन्होंने फाइल अटका रखी थी। ब्रजेश ने अपने परिचित पार्षद मोनू सक्सेना को इस संबंध में बताया।

- पार्षद ने जोनल अधिकारी से बात की और उनसे मिलने वार्ड 18 पहुंचे। तब तक जोनल अधिकारी ने फाइल से विधिक सलाह की प्रति ही गायब कर दी। जबकि, विधिक सलाह की फोटो साहू के पास थे।

- उन्होंने फोटो और सलाह की कॉपी गायब होने के बारे में पूछा और वार्ड प्रभारी हाशिम काे भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद जाेनल अधिकारी और वार्ड प्रभारी आपस में जमकर लड़े।

शिकायत में कहा-जोनल अधिकारी मांग रहे रिश्वत
पीड़ित ने मामले की लिखित शिकायत नगर निगम आयुक्त प्रियंका दास और महापौर आलोक शर्मा से की है। शिकायत में साहू ने लिखा है कि जोनल अधिकारी डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। पैसा नहीं देने पर उन्होंने फाइल को अटका कर रखा था। आयुक्त ने मामले की जांच कराकर दोषियाें के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

- ब्रजेश साहू, पीड़ित के मुताबिक, जोनल अधिकारी ने नामांतरण की फाइल अटकाकर रखी थी। वे डेढ़ लाख रुपए की मांग कर रहे थे। विधिक सलाह वार्ड प्रभारी ने फाइल में लगाई थी। लेकिन, अहिरवार ने गायब कर दी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तकरार हुई। इसकी शिकायत की है।

Zo and ward in-charge in front of road for bribe
X
Zo and ward in-charge in front of road for bribe
Zo and ward in-charge in front of road for bribe
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..