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हिलगना डिपो में लगी आग बस्ती में फैली, दमकल आने तक बच्चों-बड़ों ने पानी डालकर बढ़ने से रोका

हिलगना गोदाम के पीछे बमौरी बुजुर्ग में बंजारो की बस्ती में लगी आग को बुझाते लोग। इस बार गोदाम तो बच गए, लेकिन...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:15 AM IST
हिलगना गोदाम के पीछे बमौरी बुजुर्ग में बंजारो की बस्ती में लगी आग को बुझाते लोग।

इस बार गोदाम तो बच गए, लेकिन आसपास के प्लांटेशन को हुआ भारी नुकसान

भास्कर संवाददाता | गुना

वन विभाग के हिलगना डिपो में ठीक एक माह बाद होली के दिन शुक्रवार को फिर आग लग गई। 2 फरवरी को जहां सिर्फ गोदाम तक आग सीमित थी, वहीं इस बार यह डिपो के पूरे परिसर और फैल गई। आग इतनी भीषण थी कि पास स्थित बमोरी बुजुर्ग गांव की बंजारा बस्ती तक यह पहुंच गई।

वहां 7 परिवारों के 30 से ज्यादा लोगों के घर बाल-बाल बच गए। इन परिवारों द्वारा ईंधन के लिए सहेजकर रखे गए कंडे और मवेशियों का चारा नहीं बच पाया। यहां के लोगों ने फायर ब्रिगेड के आने से पहले आधे घंटे तक आग को बढ़ने से रोकने के लिए जबरदस्त कोशिश की गई जिससे उनके घर बच गए। दो फायर ब्रिगेड ने 3-3 चक्कर लगाकर 3 घंटे के प्रयास के बाद आग को काबू किया। पहली घटना रहस्यमय हालात में हुई थी तो ताजा मामले को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इस बार किसी की लापरवाही के कारण आग लगी है।

एक माह पूर्व हुई आगजनी की जवाबदेही तय नहीं पाई थी कि इस बार पूरे डिपो में फैली

यह सवाल बरकरार




कैसे जूझे आग से

आग ऐसे फैल रही थी मानो किसी ने जमीन पर पेट्रोल या केरोसिन डाल दिया हो

दोपहर 2 बजे के करीब बस्ती के आसपास होली खेल रहे बच्चों ने सबसे पहले आग देखी। चंद मिनट में तो यह तेजी से फैलती चली गई। ऐसा लग रहा मानो किसी ने जमीन पर पेट्रोल या केरोसिन डाल दिया हो। पतझड़ के कारण पूरा परिसर सूखी घास और पत्तियों से अटा पड़ा है, इसलिए आग को भरपूर ईंधन मिल रहा था। चारों ओर आग ही आग उठ रही थी और देखते ही देखते यह बस्ती की ओर बढ़ने लगी। इसने सबसे पहले डिपो के ठीक पास पड़े मवेशियों के चारे को अपनी चपेट में लिया। फिर कंडों के ढेर भी सुलग गए। यहां से हमारी बस्ती महज 50 फीट की दूरी पर थी।

-कमल सिंह, मनोज लोधा, हनुमंत सिंह, कल्याण सिंह के मुताबिक

वन समितियों से निजी एजेंसियां पत्ते खरीदकर डिपो में रखवाती हैं, बदले में देती हैं किराया

डिपो के तीन गोदामों की क्षमता लगभग 15 हजार बोरियां हैं। निजी एजेंसियों द्वारा इन पत्तों की खरीदी विभिन्न वन समितियों से की जाती है। यह पत्ता इस डिपो में रखा जाता है और बदले में एजेंसियां वन विभाग को किराया देती हैं। इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी विभाग की ही रहती है। बीच-बीच में एजेंसियां इन गोदामों से पत्ते निकालती है और मात्रा के मुताबिक पैसे का भुगतान करती हैं। आग न लगे इसके लिए गोदाम सहित पूरे डिपो में बिजली का कनेक्शन भी नहीं रहता है। इसके बावजूद एक माह के भीतर आगजनी की दो बड़ी घटनाएं होने से सभी हैरान हैं।

पेट्रोल पंप से 30 फीट दूर बाइक में लगी आग, तीन सवार बाल-बाल बचे

कुंभराज | कस्बे के बेहद व्यस्त इलाके में शनिवार को मृगवास-छबड़ा रोड स्थित पेट्रोल पंप से महज 30 फीट दूर एक बाइक में अचानक आग लग गई। घटना से सिर्फ एक मिनट पहले ही बाइक सवारों ने पंप से पेट्रोल भरवाया था। इसके बाद वे कुछ ही दूर चले होंगे कि बाइक लपटों में घिर गई। इस पर सवार तीन युवकों ने ऐन वक्त पर बाइक से कूदकर अपनी जान बचाई। वे भाग खड़े हुए और शाम तक यह पता नहीं चल पाया कि वे कौन थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह घटना दोपहर 3 बजे के आसपास की है। तीन युवक पल्सर बाइक पर सवार होकर पंप पर आए और पेट्रोल भरवाया। इसके बाद उन्होंने गाड़ी स्टार्ट की और पंप के शेड के बाहर ही निकले थे कि अचानक बाइक लपटों से घिर गई। 30 मिनट तक बाइक पेट्रोल पंप के ठीक सामने जलती रही और पुलिस नहीं आई और न ही दमकल। आखिरकार पंप पर काम करने वाले कर्मचारियों ने हिम्मत जुटाकर अपने यहां उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए आग को बुझाया।