भोपाल

--Advertisement--

भोपाल

भोपाल

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:05 AM IST
भोपाल
एम्स भोपाल में एक निजी कंपनी को हाउस कीपिंग का ठेका मिला है। इस कंपनी द्वारा एम्स ओपीडी में काम करने के लिए 250 कर्मचारियों को भर्ती किया गया है। इनमें माली भी शामिल हैं। इन कर्मचारियों को महीने में 26 दिन का 10 हजार 500 रुपए वेतन दिया जाना तय है। वेतन हर महीने की दस तारीख तक उनके बैंक अकाउंट में जमा होना है। लेकिन अगस्त 2017 से लेकर अब तक हर महीने वेतन देरी से मिल रहा है। इस महीने तो वेतन 19 और 20 तारीख को अकाउंट में आया है। कर्मचारियों के सामने दिक्कत यह है कि यदि कोई भी इस बारे में सवाल करता है तो उसे अवकाश पर भेज दिया जाता है। कुछ कर्मचारियों ने इस मामले में डीबी स्टार को शिकायत की है। डीबी स्टार ने एम्स ओपीडी में इन कर्मचारियों से फीडबैक लेने के नाम पर जानकारी मांगी तो उन्होंने अपना दर्द बयां कर दिया। इस बातचीत का पूरा वीडियो डीबी स्टार के पास मौजूद है। कर्मचारियों ने बताया कि वेतन देरी से देने के अलावा एक सबसे बड़ी समस्या अवकाश को लेकर है। दरअसल कंपनी इन्हें चार अवकाश देती है, लेकिन कर्मचारी द्वारा अतिरिक्त अवकाश लिया जाता है तो उन्हें मनमाने तरीके से एक और अवकाश देकर उस दिन का वेतन काट लिया जाता है। नौकरी से निकाले जाने के भय से ये कर्मचारी किसी से कुछ कह भी नहीं पाते हैं। इतना ही नहीं पूरे एम्स में महिला कर्मियों के लिए एक भी महिला सपुरवाइजर नहीं है। कर्मचारियों से बात करने के बाद डीबी स्टार ने कंपनी के अधिकारियों से बात की। उन्होंने बताया कि वे भी चाहते हैं कि समय पर वेतन दिया जाए। लेकिन एम्स प्रबंधन से समय पर राशि ही नहीं आ पाती है।

X
Click to listen..