भोपाल

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आजाद ने ऐसी तरकीब लगाई कि सब तक पहुंच गया बम बनाने का तरीका

पोस्टर्स में कैरीकेचर्स के साथ छोटी-छाेटी कहानियां भी लिखी गईं। सिटी रिपोर्टर | भोपाल स्वराज संस्थान...

Danik Bhaskar

Mar 02, 2018, 02:05 AM IST
पोस्टर्स में कैरीकेचर्स के साथ छोटी-छाेटी कहानियां भी लिखी गईं।

सिटी रिपोर्टर | भोपाल

स्वराज संस्थान संचालनालय की ओर से आयोजित पोस्टर एग्जीबिशन में चंद्र शेखर आजाद के जीवन की झलक देखने को मिली। तीन दिवसीय पोस्टर एग्जीबिशन में 40 पोस्टर्स में चित्रों के साथ उनसे जुड़ी आजाद के जीवन की कहानी भी इन पोस्टर्स में शामिल थीं। गुरुवार को प्रदर्शनी का समापन हुआ।

चित्रों में आजाद की कहानियों को खूबसूरती से बयां किया।

लाहौर षड्यंत्र के मुकदमे में चलाई तरकीब

प्र दर्शनी में दिखाया गया कि, कैसे असेम्बली बम कांड में सुनवाई के समय जब अदालत में क्रांतिकारी आंदोलन के उद्देश्य को स्पष्ट कर चुके थे और जनता क्रांतिकारियों के विचार जान चुकी थी, ऐसे में आजाद चाहते थे कि क्रांति के हथियार भी जनता को मिल जाएं। क्योंकि हर व्यक्ति तक हथियार पहुंचाना संभव नहीं होता, ऐसे में आजाद ने यह तरकीब सोची कि बम बनाने की विधि को सब तक पहुंचाया जाए। इसी तरकीब का हिस्सा था कि लाहौर षड्यंत्र के मुकदमे के समय मुखबिर फणीन्द्र घोष के बयान के बाद क्रांतिकारी शिव वर्मा ने बम बनाने को लेकर बहस की और मुखबिर ने गुस्से में अदालत में साथियों के नाम से बम बनाने की विधि भी बता दी।

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