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तालीम : एक ऐसा स्कूल जहां नंबर और क्लास बंक से डरे बिना पढ़ते हैं बच्चे

आर्थिक तंगी और सामाजिक पृष्ठभूमि के अलावा भी ऐसे कई कारण होते हैं, जो बच्चों को स्कूल से दूर करते हैं। इनमें मजदूरी...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:10 AM IST
तालीम : एक ऐसा स्कूल जहां नंबर और क्लास बंक से डरे बिना पढ़ते हैं बच्चे
आर्थिक तंगी और सामाजिक पृष्ठभूमि के अलावा भी ऐसे कई कारण होते हैं, जो बच्चों को स्कूल से दूर करते हैं। इनमें मजदूरी करते माता-पिता की गैर-मौजूदगी में छोटे भाई-बहनों को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी हो या परिवार का पेट पालने के लिए काम करना जैसे कई कारण हैं। ऐसे कई बच्चे हैं जो स्कूल जाना चाहते हैं, लेकिन विवश हैं स्कूल के समय में काम पर जाने को। शाला त्यागी ऐसे ही बच्चों के लिए संस्था ‘आरुषि’ ने एक अनोखा स्कूल ‘तालीम’ शुरू किया है। इस स्कूल में बच्चों को डेमोक्रेटिक स्कूल कॉन्सेप्ट के तहत चीजों को सीखने की छूट दी गई है।

Good Initiative

टाटा इंस्टीट्यूट के वाॅलेंटियर

इस स्कूल में अब करीब 70 बच्चे आने लगे हैं। इन बच्चों को मजेदार ढंग से पढ़ाने के लिए टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस के दो स्टूडेंट्स अपनी वॉलेंटियर सर्विस दे रहे हैं। पिछले दिनों आरुषि के बच्चों से मिलने पहुंचे सिनेमेटोग्राफर जीशान ने इन ड्रॉप आउट बच्चों के साथ समय बिताया और इनके खूबसूरत फोटोग्राफ्स भी क्लिक किए।




इस तरह होती है पढ़ाई

गुलजार ने दिया यह नाम

आरुषि के वॉलेंटियर अनिल मुदगल ने बताया, यह ऐसा स्कूल है, जहां बच्चों को उनकी समझ के अनुसार चीजें सीखने की आजादी है। स्वतंत्रता है शिक्षा को अपने हिसाब से बिना क्लास और नंबरों के भय के ग्रहण करने की। इसके कॉन्सेप्ट और स्टडी मटेरियल पर काम करते हुए, जब इसकी चर्चा गीतकार गुलजार से की, तो उन्होंने ही इस स्कूल को तालीम नाम दिया। उन्होंने बताया कि बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से एग्जाम भी दिलवाएंगे, ताकि वे दोबारा पढ़ाई शुरू कर सकें। वहीं इन बच्चों को वोकेशनल कोर्स व ट्रेनिंग भी दी जाएगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बनें।

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