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बचपन की नोक-झोंक और होली की यादें कीं साझा

News - रीडर्स पार्क में बुधवार को पहला कार्यक्रम ‘रसरंग’ आयोजित हुआ। जिसमें मुंबई के मशहूर लेखक राजेश अय्यर से शहर के...

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 02:20 AM IST
बचपन की नोक-झोंक और होली की यादें कीं साझा
रीडर्स पार्क में बुधवार को पहला कार्यक्रम ‘रसरंग’ आयोजित हुआ। जिसमें मुंबई के मशहूर लेखक राजेश अय्यर से शहर के ऑथर्स और रीडर्स ने होली के एडवेंचर्स और मजेदार किस्सों पर चर्चा की। इस अवसर पर राजेश अय्यर की किताब ‘हरी एंड फ्रेंड्स : द होली एडवेंचर’ पर भास्कर इंद्रकांति ने बात की। राजेश ने इस दौरान किताब या कहानी लेखन के बारे में कहा, एक ऑथर के लिए बड़ा मुश्किल होता है, जब उसके लिखे कंटेंट को कोई पब्लिशर एडिट करता है। कई-कई बार जब किताब छपकर जब बाहर आती है, उसमें आॅथर का पार्ट सिर्फ 20% रह जाता है और 80% पब्लिकेशन नजर आता है। यह किताब काफी हद तक मेरी ऑटो बायोग्राफी की तरह है, जिसमें काफी कुछ होली एडवेंचर के एक्सपीरियंस मेरे खुद के हैं। कहानी के किरदार हरी की बहन स्वाति भी मेरी बहन लता का ही कुछ पार्ट है। भाई-बहन के बीच मार-कुटाई और नोक-झोंक के अहम अहसास के बीच कहानी में बताया गया है कि कैसे अर्ली टीनएज बच्चे को होली फेस्टिवल ऑर्गेनाइज करने की जिम्मेदारी दी जाती है। वह जिम्मेदारियों के बीच खुद को बड़ा होता देखता है। कहानी कुछ इस तरह लिखी गई है कि हर पाठक अपने जीवन के कुछ न कुछ अनुभव किताब में जरूर पाएगा। यहां क्लब लिटराटी की प्रेसिडेंट डॉ. सीमा रायजादा ने बताया, यहां सभी बुक लवर्स ने होली से जुड़े किस्सों को साझा किया।

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