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अकबर के वीर सिपहसालार अमर सिंह राठौर और रानी आदि की प्रेम कहानी

कलाकार लाल भट्ट ने कहा- राजस्थान में शुभ कार्यों से पहले पूजी जाती हैं कठपुतलियां सिटी रिपोर्टर | भोपाल ...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:20 AM IST
कलाकार लाल भट्ट ने कहा- राजस्थान में शुभ कार्यों से पहले पूजी जाती हैं कठपुतलियां

सिटी रिपोर्टर | भोपाल

राजस्थान में अगर किसी से भवानी की बात की जाए, तो माना जाता है कि कठपुतली की बात हो रही है। दिवाली हो या दशहरा... वहां हर त्योहार कठपुतलियों की पूजा से शुरू होता है। जनजातीय संग्रहालय में चल रहे पुतुल समारोह में बुधवार को यह मजेदार बात बताई धागा पुतली के कलाकार लाल भट्‌ट ने। उन्होंने बताया, कठपुतली को ब्लैक मदर यानी काली मां का अवतार माना जाता है और हर शुभ काम के पहले देवता के रूप में इन्हीं की पूजा होती है। यह राजस्थान की प्रचलित कठपुतलियां हैं, जो कपड़े और लकड़ी से तैयार की जाती हैं और इन्हें धागों से संचालित किया जाता है। लाल भट्‌ट ने बताया, धागा पुतली आम की लकड़ी से बनाई जाती है। माना जाता है कि आम पूजन में इस्तेमाल होने वाली सबसे पवित्र लकड़ी है, और राजस्थान में कठपुतली चलाना भी किसी पूजा के समकक्ष काम माना गया है।

सात कलाकारों की टीम ने किरदारों को दी आवाज

बुधवार को 7 लोगों की टीम ने अलग-अलग किरदारों के जरिए अकबर के दरबार के सिपहसालार अमर सिंह राठौर की कहानी दिखाई। इसमें अमर सिंह की युद्ध में वीरता और आदि रानी के साथ प्रेम कहानी को दिखाया गया।