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फनकारों ने सुनाए रवींद्र जैन के संगीतबद्ध किए सुरीले गीत

संगीतकार स्व. रवींद्र जैन के 74वें जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार को एक शाम सदाबहार गीतों के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:20 AM IST
संगीतकार स्व. रवींद्र जैन के 74वें जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार को एक शाम सदाबहार गीतों के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नेहरू नगर स्थित रवींद्र जैन संगीत एवं कला अकादमी में आयोजित इस म्यूजिकल ईव में शहर के फनकारों ने रवींद्र जैन द्वारा संगीतबद्ध किए गए गीतों की मधुर प्रस्तुति। कार्यक्रम में सुनील शुक्रवारे, रेखा सराठे, तनिष्का शर्मा, पलाश श्रीवास्तव, संतोष तिवारी आदि फनकारों ने गीतों की प्रस्तुति दी। इससे पहले दिव्यांशी मेहरा, सिमरन बहल और संस्कृति यादव ने एक राधा एक मीरा…, देर न हो जाए कही देर न हो जाए, ले तो आयो हमें सपनों के गांवों में…, जैसे गीत पर डांस प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संयोजन आरके क्रिएशन की ओर से किया गया। देर रात तक चली इस प्रस्तुति में फनकारों ने कई मनमोहक गीतों की प्रस्तुति दी।

मंगल भवन अमंगल हारी से हुआ आगाज

प्रस्तुति का आगाज सभी कलाकारों ने मंगल भवन अमंगल हारी, की प्रस्तुति दी। इसके बाद संतोष तिवारी ने सांची कहे तोरे आवन से हमरे..., पलाश श्रीवास्तव ने जब दीप जले आना, जैसे गीतों को सुनाया। इसी क्रम में संतोश तिवारी और रेखा सराठे ने हुस्न पहाड़ों का, ड्यूट सुनाकर श्रोताओं की सराहना पाई। वहीं, सुनील शुक्रवारे ने राम तेरी गंगा मैली हो गई…, जैसे कई गीतों को पेश किया। इस प्रस्तुति में कीबोर्ड पर सतीश बघेल, ढ़ोलक और तबले पर आनंद भट्‌टाचार्य, सेक्सोफोन पर प्रेम कनक और पेड पर संजय ठाकुर ने संगत दी।

गीतों की प्रस्तुति देते सुर साधक।