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आरक्षण के खिलाफ ब्राह्मणों का शंखनाद, हंगामा भी हुआ

टीटीनगर दशहरा मैदान में रविवार को युवजन ब्राह्मण सभा व अन्य संगठनों द्वारा आयोजित ब्रह्म समागम में वक्त जातिगत...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:20 AM IST
टीटीनगर दशहरा मैदान में रविवार को युवजन ब्राह्मण सभा व अन्य संगठनों द्वारा आयोजित ब्रह्म समागम में वक्त जातिगत आरक्षण की मुखालफत कर रहे थे। सबकुछ ठीक चल रहा था। अचानक एक ब्राह्मण ने सम्मेलन में मौजूद कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति पर सवाल उठाया तो हंगामा इतना बरपा की नौबत मारपीट और धक्का-मुक्की तक जा पहुंची। मारपीट का आरोप कांग्रेस नेता कैलाश मिश्रा पर लगाया गया। मंच से बार-बार माइक पर उनका नाम लेकर उनसे संयम बरतने की अपील की जा रही थी। बाद में लोगों की समझाइश पर मामला शांत हुआ। मंच पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी भी मौजूद थे,जबकि अन्य राजनीतिक दलों के कोई बड़े नेता नहीं आए थे।

आयोजन समिति के प्रवक्ता चंद्रशेखर ने बताया कि सम्मेलन में सभी वक्ता जातिगत आरक्षण के खिलाफ बोल रहे थे। सम्मेलन में कई वक्ताओं ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी उस आदेश की भी चर्चा की कि अब एसटीएससी एक्ट के तहत बगैर जांच के प्रकरण दर्ज नहीं होगा और इसके पूर्व गिरफ्तारी भी नहीं होगी। जो लोग पुराने एक्ट को सही बताकर भारत बंद कर रहे है, उनका विरोध करना चाहिए। तिवारी का आरोप है कि इस दौरान सम्मेलन में मौजूद एक व्यक्ति ने कांग्रेस के नेताओं की उपस्थित पर सवाल उठाते हुए कहा कि न उन्होंने आरक्षण का कभी विरोध किया न भारत बंद का। यह बात मिश्रा को नागवार गुजरी और वे मंच से उतर कर उस व्यक्ति को मारने आगे बढ़े। उन्होंने उस पर हाथ भी उठाया। बाद में समझाइश पर मामला शांत हुआ।

मैंने किसी पर हाथ नहीं उठाया: मिश्रा

इधर मिश्रा का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं हुई। उन्होंने किसी पर हाथ नहीं उठाया, वे तो कोई दो लोग आपस में झगड़ा कर रहे थे, उनके बीच जाकर बीच बचाव कर रहे थे। मैने किसी पर हाथ नहीं उठाया।