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फिर भी रुक नहीं रहा शहर में भारी वाहनों का प्रवेश

डीबी स्टार

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:20 AM IST
डीबी स्टार
्नए बायपास पर बसाहट बढ़ने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद डीबी स्टार ने इस मार्ग का जायजा लिया। इस दौरान पाया कि पूरे रास्ते में जगह-जगह हाउसिंग कालोनियां शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मकान बनने लगे हैं। बड़े पैमाने पर गैरेज खुलते जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर तो ढाबे और होटल आकार ले चुके हैं और कुछ बन रहे हैं। रहवासी कॉलोनियां बनने से जगह-जगह कट लगने लगे हैं। ऐसी स्थिति में कॉलोनीवासी सीधे बायपास पर निकलते हैं। इससे हादसे की आंशका बढ़ने लगी है। वैसे तो बायपास के दोनों ओर सर्विस लेन बनानी चाहिए। मगर मप्र रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इस कारण हाई-वे पर कॉलोनी और मकान बनने लगे हैं।

पहले नेशनल हाइवे शहर के भीतर से जाता था। ऐसी स्थिति में जबलपुर-जयपुर, इंदौर-नागपुर आने-जाने वाले भारी वाहन भी शहर के भीतर से ही जाते थे। भारी वाहनों का शहर में प्रवेश रोकने के लिए अयोध्या बायपास बनाया गया था। अब इस बायपास पर पूरी तरह बसाहट हो गई है। कई बड़ी-बड़ी कॉलोनियां, शॉपिंग मॉल, स्क्ूल-कॉलेज और अस्पताल खुल गए हैं। नया भोपाल बायपास इसी मार्ग का विकल्प बनाने की कवायद है। मगर मजेदार बात तो यह है कि यह बायपास इतना लम्बा है कि अधिकांश भारी वाहन दूरी और टोल टैक्स से बचने के लिए शहर के भीतर से ही गुजरना मुनासिब समझते हैं। इतना ही नहीं कई वाहन चालक तो प्रतिबंध अवधि में ही धड़ल्ले से िनकल जाते हैं।

fact file

2013 में नए फोरलेन बायपास का निर्माण

04 लाख रुपए प्रतिमाह आमदनी

52 किमी कुल लम्बाई

305 करोड़ रुपए लागत

2200 वाहनों की प्रतिदिन अावाजाही

02 टोल प्लाजा