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पीएचडी प्रवेश परीक्षा में हुई प्रिंटिंग की गलती

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय पीएचडी प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट जारी करने में हुई गड़बड़ी को प्रिंटिंग की गलती मानकर...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:20 AM IST
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय पीएचडी प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट जारी करने में हुई गड़बड़ी को प्रिंटिंग की गलती मानकर पल्ला झाड़ रहा है। राजभवन को दिए जवाब में बीयू ने बताया है कि प्रिंटिंग की गलती के कारण परीक्षार्थियों के बीच गलतफहमी हुई है। एक्ट में स्पष्ट लिखा है कि प्रवेश परीक्षा में पास होने के लिए परीक्षार्थी को न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है।

बीयू द्वारा आयोजित पीएचडी प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी का मामला फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। विवि ने परीक्षा के दौरान पेपर में लिखा था कि पास होने के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है। लेकिन रिजल्ट के साथ ही जारी नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि एससी व एसटी के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत और सामान्य व ओबीसी के लिए 50 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य बताया। विवि के इस स्पष्टीकरण से 85 फीसदी परीक्षार्थी फेल हाे गए हैं। परीक्षा में शामिल करीब 3000 में से मात्र 15 फीसदी परीक्षार्थी ही पास हो पाए हैं। बताया जाता है कि फिजिक्स सहित अन्य कुछ विषयों में एक भी परीक्षार्थी पास नहीं हो पाया है।

परीक्षार्थियों ने की थी शिकायत

परीक्षार्थियों ने विवि पर गुमराह करने और गलत जानकारी देने का आराेप लगाकर शिकायत राजभवन से की थी। राजभवन ने इस संबंध में विवि से जवाब तलब किया था। विवि की परीक्षा व गोपनीय शाखा के डिप्टी रजिस्ट्रार यशवंत पटेल के अनुसार राजभवन को जवाब भेज दिया है। यह मामला प्रिंटिंग में गलती का है।











अधिनियम में पास होने के लिए न्यूनतम अंकों की जानकारी स्पष्ट लिखी हुई है। फिलहाल परीक्षार्थियों से आपत्तियां आमंत्रित की गई है।