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भोपाल बायपास पर आवागमन कम, बसाहट तेज

डीबी स्टार

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:25 AM IST
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लगभग पांच साल पहले बनकर तैयार हुए भोपाल बायपास मार्ग पर शॉपिंग कॉम्पलेक्स, मोटर गैरेज और रिहायशी कॉलोनियां बनने लगी हैं। जबकि जिस मकसद से इस बायपास को बनाया गया है, वह पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है। आज भी अधिकांश भारी वाहन बायपास के बजाय शहर या इसके आसपास से ही निकल रहे हैं। 52 किमी लम्बे इस बायपास की कल्पना अयोध्या बायपास की तर्ज पर की गई थी। योजना तैयार करने वालों को उम्मीद थी कि जबलपुर-जयपुर, नागपुर-इंदौर और एबी रोड की ओर जाने वाले भारी वाहन भोपाल शहर में आने के बजाय बायपास से गुजरेंगे। बीते पांच वर्ष में यह कोशिश आंशिक रूप से सफल रही है। इसके विपरीत नए भोपाल बायपास पर तेजी से बसाहट शुरू हो गई है। ऐसी स्थिति में इस बायपास का भी हश्र अयोध्या बायपास जैसा होता दिखाई दे रहा है।

11 मील तिराहे से भौरी बकानियां तक इस बायपास का िनर्माण एमपी रोड डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन ने वर्ष 2011 में शुरू किया था। दो साल के भीतर वर्ष 2013 में भोपाल बायपास बनकर तैयार हो गया। करीब 305 करोड़ रुपए की लागत से बने बायपास से गुजरने वाले वाहनों की संख्या ढाई हजार भी नहीं पहुंच पाई है। इस फोरलेन को बनाने वाली कंपनी भी बायपास की उपेक्षा से खुश नहीं है। दो टोल प्लाजा से बमुश्किल चार लाख रुपए प्रतिमाह की आमदनी हो रही है, जो लागत के लिहाज से बहुत कम है। इसी राशि में से टोल प्लाजा के कर्मचारियों का वेतन और रोड का रखरखाव हो रहा है।


् 11 मिल बायपास रोड़ हाईवे पर निर्माण हो रहा हैं। जगह-जगह हाउसिंग कालोनियां शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मकान बनने लगे हैं। बड़े पैमाने पर भी अवैध रुप से गैरेज भी खुलते जा रहें हैं। कालोनियों के बनने से जगह-जगह रोड पर कट लगने लगें हैं। इससे हादसे की आंशका बनने लगी। हाइवे के साथ ही दोनों और सर्विस लेन बननी थी। लेकिन मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड ने नहीं बनाया जिसके कारण हाइवे पर सीधे लोगो द्वारा निर्माण शुरु कर हो गया। जिस पर पस से हाइवे से जोड़ने वाला वायपास रोड़ शहर का विस्तार नए बायपास पर भी होना प्रारंभ हो गया हैं।

राजधानी के सबसे पहले बना नेशनल हाइवे होशंगाबाद रोड से होते हुए जेल पहाड़ी पुलिस पुलिस मुख्यालय जहांगीराबाद, पुल पातरा होते हुए बुधवारा चार बच्ची चौराहा से मोती मस्जिद इकबाल मैदान से होते हुए सुल्तानिया रोड़ से बैरागढ़ जाता था। आबादी बढऩे का बाद नेशनल हाइवे होशंगाबाद से होते हुए मैदा मिल से स्लाटर हाउस से जिंसी चौराहा से जहांगीर बाद से पातरा पुल काली मंदिर होते हुए सुल्तानिया अस्पताल से भारत टॉकिज से हमीदिया रोड़ होते हुए शाहजहां बाद से रायल मार्केट से हमीदिया अस्पताल होते हुए सुलतानिया रोड़ होते हुए बैरागढ़ जाता था। उसके बाद शहर का विस्तार होने के बाद भारी वाहनों के कारण आए दिन सड़क हादसों में लोगो की मौत में इजाफा होने के बाद सड़क परिवहन विभाग ने अयोध्या बायपास रोड़ का निर्माण किया गया




बसाहट हुई तो सोचेंगे

 नेशनल हाई-वे 12 अयोध्या बायपास रोड पर भारी वाहनों का दबाव अधिक होने लगा था। आए दिन इस मार्ग पर सड़क हादसे हो रहे थे। इसलिए वर्ष 2010 में भोपाल बायपास का बनाने का निर्णय लिया गया। इसका कार्य वर्ष 2011 में प्रारंभ होकर वर्ष 2013 में पूर्ण हुआ। अगले दो दशक तक नए बायपास की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर बसाहट हो गई तो फिर शासन नई योजना बनाएगा। पवन अरोरा, डिवीजनल मैनेजर, मप्र रोड डेवलपमेंट काॅर्पोरेशन, भोपाल