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भोपाल का ठग इंदौर पुलिस की गिरफ्त में

विदेश में नौकरी पर जाने के लिए वहां का वीजा अनिवार्य होता है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया होती है। इसके बाद ही...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:25 AM IST
विदेश में नौकरी पर जाने के लिए वहां का वीजा अनिवार्य होता है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया होती है। इसके बाद ही संबंधित देश की हाई कमीशन वीजा ग्रांट जारी करती है। सुबोध ने लोगों से रुपए लेकर उन्हें खुद ही वीजा जारी कर दिए। इंदौर के 12 लोगों को जो वीजा दिए गए हैं उनमें सिर्फ लोगों की व्यक्तिगत जानकारी अलग है। वीजा से जुड़ी बाकी की सभी जानकारियां एक समान हैं।आस्ट्रेलियन हाई कमीशन और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय को ईमेल भेजकर पीड़ितों ने इसकी सत्यता जांची तो पता चला कि यह भी फर्जी है। एक ही एप्लीकेशन आईडी और वीजा ग्रांट नंबर से कई लोगों को फर्जी वीजा जारी किए गए हैं।

डीबी स्टार
उत्तराखंड में पैदा हुआ और भोपाल में पला-बढ़ा सुबोध कुमार पंत अब पुलिस हिरासत में है। मासूम दिखने वाला शिक्षित सुबोध सैकड़ों लोगों को विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर ठग चुका है। अकेले इंदौर में ही उसने 12 लोगों से 27 लाख रुपए से ज्यादा ऐंठे हैं। किसी से दो तो किसी से तीन लाख रुपए लेकर विदेशी कंपनी में नौकरी का ऑफर लैटर देकर उसने छला है। रुपए देने के चार-पांच माह बाद भी जब लोग विदेश नहीं जा पाए तो उन्होंने खोजबीन की। इसमें पता चला कि वे ठगे गए हैं। जय नामदेव नामक युवक कई दिनों से विदेश में अच्छी नौकरी की तलाश में था। इसी बीच भोपाल के सुबोध पंत ने उससे संपर्क किया और कहा कि वह प्लेसमेंट कंसलटेंसी चलाता है। कई लोगों को विदेश में नौकरी दिला चुका है। सुबोध ने उसे उनके ऑफर लैटर भी दिखाए, जिससे जय उसके झांसे में आ गया। सुबोध ने उसे आस्ट्रेलिया की एक टेलीकॉम कंपनी में नौकरी दिलाने का वादा किया। इसके लिए पिछले साल जुलाई 2017 में दो किस्तों में एक लाख 75 हजार रुपए लिए। छह माह तक इधर-उधर की बातें बनाने के बाद जनवरी में कंपनी का ऑफर लैटर और आस्ट्रेलिया का वीजा थमा दिया। इंदौर के करीब 12 लोगों से इसी तरह सुबोध ने खुद संपर्क किया और आस्ट्रेलिया में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए ले लिए। सुबोध ने भोपाल, ग्वालियर सहित देश के कई शहरों में इसी तरह लोगों को झांसे में लेकर लाखों रुपए ठगे हैं।

पीड़ितों के जाल में फंसा

इंदौर से नौकरी के नाम पर रुपए देने वाले लोगों को जब पता चला कि उन्हें फर्जी ऑफर लैटर और वीजा देकर ठगा गया तो वे डीबी स्टार के पास आए। टीम के साथ तय हुआ कि पुलिस को बताने से पहले ठग को खुद ही पकड़ा जाए। 21 फरवरी को कुछ पीड़ितों ने सुबोध को फोन पर बताया कि इंदौर में पांच लोग विदेश में नौकरी करने के इच्छुक हैं। इसके लिए वे दो-दो लाख रुपए देने के लिए तैयार हैं। सुबोध उनकी बातों में आकर इंदौर आने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद अगले दिन यानी 22 फरवरी को वह इंदौर आकर साउथ तुकोगंज की एक होटल में रुका। पीड़ित इकट्ठे होकर होटल पहुंचे और पुलिस को सूचना दे दी। साउथ तुकोगंज पुलिस ने आरोपी सुबोध को गिरफ्तार कर लिया। अन्य मामलों में भी पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

बनाए कंपनियों के फर्जी ऑफर लैटर

इंदौर के 12 लोगों को आस्ट्रेलिया की अलग-अलग टेलीकॉम कंपनी के ऑफर दिए गए हैं, वह सभी फर्जी हैं। यह लैटर सुबोध ने खुद ही बनाए हैं। इसके लिए उसने पहले आस्ट्रेलिया की कुछ कंपनियों की जानकारी जुटाई। इसी लैटरहैड पर अलग-अलग लोगों के नाम से ऑफर लैटर तैयार कर उन्हें दे दिए। ऑफर लैटर में ज्वाइनिंग की तारीख, वहां मिलने वाला वेतन, नौकरी के कान्ट्रेक्ट की अवधि सहित तमाम जानकारियां इस क्रम में लिखी कि इसे पढ़ने वाला आसानी से झांसे में आ जाए। पीड़ितों ने जब संबंधित कंपनी से संपर्क किया तो पता चला कि ये सभी दस्तावेज फर्जी हैं।

नेटवर्क का पता...

 आस्ट्रेलिया की कंपनियों का फर्जी ऑफर लैटर और वीजा देकर नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला सुबोध पुलिस हिरासत में है। उसके तुकोगंज थाने में रखा गया है। पीड़ितों ने ही उसे पकड़ने में मदद की है। हम छानबीन कर पता लगाएंगे कि लोगों से रुपए ठगने में उसके साथ और कौन शामिल है। अमरेन्द्र सिंह, एडिशनल एसपी, क्राइम ब्रांच