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शंटिंग और कागजी खानापूर्ति में लग जाते हैं दो घंटे, इसी बीच होती है पेट्रोल-डीजल चोरी

रिलायंस डिपो के लिए जाने वाले वैगन इस लाइन पर खड़े थे मोटर लगाकर वैगन से चोरी करते हैं पेट्रोल-डीजल, ढाबों पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:25 AM IST

शंटिंग और कागजी खानापूर्ति में लग जाते हैं दो घंटे, इसी बीच होती है पेट्रोल-डीजल चोरी
रिलायंस डिपो के लिए जाने वाले वैगन इस लाइन पर खड़े थे

मोटर लगाकर वैगन से चोरी करते हैं पेट्रोल-डीजल, ढाबों पर सस्ते दामों में बेच देते हैं

अजय वर्मा/कैलाश पाटीदार | भोपाल

भौंरी बकानिया स्थित पेट्रोलियम डिपो के बाहर रेलवे वैगन से पेट्रोल-डीजल को चोरी कर आसपास के ढाबों पर और कांट्रेक्टर्स को कम दाम पर बेचा जाता है। आरपीएफ अब चोरी करने के तरीके की भी जांच कर रही है।

भौंरी में रहने वाले रमेश नागर बताते हैं कि यहां से खुलेआम चोरी का पेट्रोल-डीजल सस्ते दाम पर बेचा जाता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। यदि समय रहते कार्रवाई होती तो हादसा नहीं होता। बकानिया गांव के सरपंच जितेंद्र नागर का कहना है कि अफसरों की भूमिका की जांच होना चाहिए। यदि हादसा होता तो पूरा गांव तबाह हो जाता।

जांच अधिकारियों का मानना है कि खेत में मोटर रखकर पाइप के जरिए तेजी से डीजल-पेट्रोल को निकालने काम किया जा रहा था। उसी दौरान मोटर के वायर में शार्ट सर्किट हो गया और पास में रखे डीजल की कैन में ब्लास्ट हो गया। इसके चलते आसपास झाड़ियों में आग लग गई। यह देख चोर वहां से भाग खड़े हुए।

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रिलायंस डिपो

बकानिया डिपो में वैगन से पेट्रोल-डीजल चोरी होने का सिलसिला सालों से चल रहा है। रेलवे और रिलायंस के अफसरों की भूमिका भी संदेह में है। इसकी जांच आरपीएफ अपने स्तर पर कर रही है।

जामनगर से रैक आने के बाद बकानिया स्टेशन पर उसे मेनलाइन से रिलायंस की लाइन पर लाया जाता है। इस दौरान आरपीएफ जवान हर वैगन की सील चैक करते हैं। इसी समय शंटिंग कर इंजन पीछे की ओर लाकर लगाया जाता है। रिलायंस परिसर में जाने से पहले ट्रेन का गार्ड बकानिया स्टेशन मास्टर को प्लेसमेंट मेमो सौंपता है। इस पूरी प्रकिया में ही दो घंटे लग जाते हैं। इसी बीच चोरों को चोरी मौका मिल जाता है। रिलायंस में रोज एक रैक आता है।

बकानिया स्टेशन

लाइटिंग और सीसीटीवी के इंतजाम

आरपीएफ के कमांडेंट कुमार निशांत ने रिलायंस के अफसरों को वैगन शंटिंग एरिया में लाइटिंग के इंतजाम करने को कहा है। साथ ही आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। आरपीएफ जवानों की संख्या बढ़ाई गई है। आरपीएफ के अफसरों का कहना है कि जांच जल्द पूरी हो जाएगी।

तीन माह पहले 22 हजार लीटर की चोरी

रिलायंस के वैगन से डीजल-पेट्रोल चोरी होने का यह पहला मामला नहीं है। दिसम्बर 2017 में भी रैक से 22 हजार लीटर डीजल पेट्रोल की चोरी हुई थी। इसकी जांच क्राइम ब्रांच और आरपीएफ कर रही है। दो बार क्राइम ब्रांच के अफसर जामनगर भी जा चुके हैं।

भारत पेट्रोलियम

डिपो की ओर

इंडियन ऑयल डिपो

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बकानिया स्टेशन के आसपास फायर सेफ्टी इंतजाम करने के निर्देश

आरोपी कौन?

पुलिस और जीआरपी ने भी शुरू कर दी जांच

बकानिया डिपो से आॅयल चोरी होने और फिर आग लगने की जांच खजूरी पुलिस के साथ ही जीआरपी ने भी शुरू कर दी है। पुलिस ने स्टेशन मास्टर से आग लगने की सूचना मिलने के बाद अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसमें उन्होंने डिपो से आग खेतों तक पहुंचने को जांच के दायरे में लिया है। विवेचना अधिकारी राजेश तिवारी के अनुसार आग लगने के कारण आरोपी ट्रक छोड़कर भाग गए थे। ट्रक नंबर ग्वालियर निवासी राजेश सिंह के नाम पर है। जल्द ही एक टीम ग्वालियर जाकर राजेश से इसके बारे में पूछताछ करेगी।

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