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80 से ज्यादा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी देने वाले भेल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में...

आनंद सक्सेना | भोपाल देश को हॉकी और क्रिकेट के 80 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी देने वाला भेल का...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:25 AM IST

80 से ज्यादा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी देने वाले भेल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में...
आनंद सक्सेना | भोपाल

देश को हॉकी और क्रिकेट के 80 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी देने वाला भेल का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स आज बर्बादी की कगार पर पहुंच चुका है। अब यहां न तो खिलाड़ी बचे हैं और न ही कोच। बावजूद इसके अस्थाई सदस्यता फीस 640 रुपए प्रति वर्ष से बढ़ाकर ढाई हजार रुपए प्रति वर्ष कर दी गई है। इतना ही नहीं सुबह-शाम यहां वॉक करने आने वालों से भी भेल प्रबंधन 50 की जगह 100 रुपए प्रति वर्ष फीस वसूल रहा है। फीस बढ़ने अब अस्थाई सदस्यता ले रहे खिलाड़ी भी कॉम्प्लेक्स का साथ छोड़ देंगे। यह फीस उस समय बढ़ाई गई, जब समर गेम शुरू होने में अभी डेढ़ माह बाकी है।

सूत्रों के मुताबिक समर गेम के शिविर की फीस भी 100 रुपए प्रतिमाह से ज्यादा बढ़ाई जा सकती है। वहीं स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में फीस बढ़ाने का निर्णय किसने लिया, किसी को जानकारी नहीं है, क्योंकि कॉम्प्लेक्स संचालित करने वाला स्पोर्ट्स क्लब का संचालक मंडल ही नहीं है और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के उपाध्यक्ष व एजीएम अर्नेस्ट विलूंग के अनुसार मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि फीस कितनी है और किसने बढ़ाई है।

मॉर्निंग वॉक करने जा रहे बुजुर्गों से भी वसूले जा रहे हैं 50 के बदले 100 रुपए

न कोच, न ही सुविधाएं फिर भी चार गुना बढ़ा दी फीस

पहले लगते थे 640 रुपए अब वसूले जा रहे ढाई हजार

अस्थाई सदस्यता शुल्क बढ़ने से सूना हुआ खेल परिसर-अस्थाई सदस्यता शुल्क बढ़ने से यहां किसी प्रकार की खेल गतिविधियां भी नहीं हो रही हैं। प्रबंधन यहां के रखरखाव पर न तो ध्यान दे रहा है और न ही किसी भी प्रकार का खेल का सामान खरीदा जा रहा है। भेल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की बदहाली वर्ष 2005 के बाद से शुरू हुई। इससे पहले तक यहां दिनभर खिलाड़ियों और दर्शकों की भीड़ लगी रहती थी।

खेलों को बढ़ावा देने का कोई प्रयास नहीं- करीब 68 एकड़ में फैले जेपी नारायणन स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में भेल प्रबंधन कोई प्रयास नहीं कर रहा है। यही नहीं खेलों के लिए दिया जाने वाला सालाना 35 लाख का बजट भी पिछले 2 साल से प्रबंधन ने देना बंद कर दिया है।

भेल में स्पोर्टस कोटे से भर्ती बंद

फीस बढ़ने से जो बाहरी बच्चे खेलने आ रहे थे, अब वे भी आना बंद कर देंगे। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की बदहाली का एक कारण यह भी है कि यहां की यूनियन भी कुछ नहीं बोलती हैं। - जेएस पुरी, (1961 से 2001 तक बास्केटबॉल टीम के सदस्य रहे)

भेल में स्पोर्ट्स कोटे से पिछले कई सालों से कोई नई भर्ती नहीं हुई, जिस कारण टीम में युवा खिलाड़ी नहीं आ रहे हैं। वर्तमान टीम के ज्यादातर खिलाड़ियों की उम्र 50 के पार हो चुकी है।

हर खेल का अलग मैदान- शहर का एकमात्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जिसमें हर खेल का मैदान अलग है। पहला क्रिकेट स्टेडियम, बैंडमिंटन इंडोर स्टेडियम, बॉस्केटबॉल, हॉकी स्टेडियम, फुटबाल, कबड्डी, टेबल टेनिस, जूडो, कैरम, शतरंज, लॉन टेनिस, वेट लिफ्टिंग, एथेलिटिक्स, शूटिंग बाल मैदान शामिल हैं।

स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को खिलाड़ी विहीन कर दिया गया है। क्लब के चुनाव न कराने से इसका संचालन कौन कर रहा है, इसकी किसी को जानकारी नहीं है। फीस बढ़ने से बाहरी बच्चे भी आना बंद कर देंगे। - आरएस ठाकुर, पूर्व महासिचव, भेल स्पोर्टस क्लब

2005 से नहीं हुए क्लब के चुनाव- स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की देखरेख व संचालन भेल स्पोर्ट्स अथॉरिटी और स्पोर्ट्स क्लब करते हैं, लेकिन 2005 के बाद से क्लब के चुनाव ही नहीं हुए। जिस कारण इस कॉम्प्लेक्स की जिम्मेदारी भेल प्रबंधन के अधिकारियों को सौंप दी गई है।

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